बहराइच ( तहसील पयागपुर)l बहराइच के पयागपुर तहसील में ‘आदर्श नगर पंचायत’ का दर्जा मिलने के तीन साल बाद भी जमीनी हकीकत निराशाजनक बनी हुई है। पहली ही बारिश ने विकास के दावों की पोल खोल दी है। नगर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, गलियां जलमग्न हो गईं और कई घरों में पानी घुसने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
हल्की बारिश में ही जल निकासी व्यवस्था फेल हो गई। नगर के कई वार्डों में पानी घंटों तक सड़कों और गलियों में भरा रहा, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई मोहल्लों में गंदा पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी भी संकट में पड़ गई।read more:https://khabarentertainment.in/excise-department-raids-dhabas/स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत बनने के बाद बेहतर सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के दावों के बावजूद नालियों का निर्माण, सफाई व्यवस्था और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं अब भी बदहाल हैं। हर साल बरसात में यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि नगर पंचायत बनने के बाद न तो शहर जैसी सुविधाएं मिल रही हैं और न ही गांव जैसी व्यवस्था बची है। कई नागरिकों का कहना है कि “इससे बेहतर तो पयागपुर ग्राम पंचायत ही था।” वे खुद को दो व्यवस्थाओं के बीच फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं।जलभराव के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। गंदगी और दुर्गंध से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। नगरवासियों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था सुधारने और स्थायी समाधान करने की मांग की है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब तीन साल बाद भी हालात जस के तस हैं, तो पयागपुर में विकास का सपना आखिर कब साकार होगा? आखिर कौन बनेगा वह ‘भागीरथ’, जो इस बदहाल नगर को जलभराव और अव्यवस्थाओं से मुक्ति दिलाएगा?