हरिकृष्ण कश्यप कानपुर देहात / माती / लखनऊ।उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसें अब यात्रियों से ज्यादा व्यापारियों का माल ढो रही हैं। कानपुर-लखनऊ रूट पर खासकर माती डिपो कानपुर देहात की बसों में चालक-परिचालकों ने अतिरिक्त आमदनी का नया स्रोत खोज निकाला है – प्राइवेट कोरियर सेवा।
सूत्रों के अनुसार लखनऊ और कानपुर के बीच चलने वाली रोडवेज की हर बस, विशेषकर माती डिपो की बस संख्या *UP 78 LN 9574* जैसी बसों के चालक-परिचालक जगह-जगह से लगेज के नाम पर व्यापारियों का माल लाद रहे हैं।इस कोरियर सेवा के अंतर्गत लखनऊ से कानपुर एवं कानपुर से लखनऊ के बीच विभिन्न व्यापारियों का माल कुछ ही घंटों में गंतव्य तक पहुंचा दिया जाता है। इसके एवज में मिलने वाला *भाड़ा / किराया बिना किसी सरकारी टिकट / रसीद के सीधे चालक-परिचालक की जेब में* जा रहा है।read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/
इससे जहां चालक-परिचालकों की जेबें गर्म हो रही हैं, वहीं –
1. निगम को प्रतिदिन हजारों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है।
2. बसों में क्षमता से अधिक लगेज होने से यात्रियों को बैठने-खड़े होने में परेशानी होती है और बस के अंदर गंदगी पसरती है।
3. ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
यात्रियों ने मांग की है कि कानपुर-लखनऊ रूट पर चलने वाली सभी बसों, विशेषकर माती डिपो की बसों की *सरप्राइज चेकिंग* कराई जाए और लगेज के नाम पर चल रही इस अवैध कोरियर सेवा पर तत्काल रोक लगाई जाए।