सोनभद्र। जिले को निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बनाने की कवायद तेज हो गई है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5.0) के लिए सोनभद्र को 20 हजार करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य मिला है। इसके मुकाबले अब तक 33 परियोजनाओं के जरिए 14,612 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से करीब 4,068 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में निवेश प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने शेष 5,388 करोड़ रुपए के निवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपते हुए तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभागवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए पर्यटन विभाग को 1,040 करोड़, प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित क्षेत्र को 1,000 करोड़, पेट्रोल पंप क्षेत्र को 500 करोड़, नए नर्सिंग होम एवं स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 500 करोड़, राइस मिल के लिए 200 करोड़, नई डेयरी इकाइयों के लिए 200 करोड़ तथा आबकारी विभाग को 200 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने का लक्ष्य दिया है। अन्य विभागों को भी उनकी संभावनाओं के अनुरूप निवेश लक्ष्य सौंपे गए हैं।
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एमओयू तक सीमित न रहें प्रस्ताव: डीएम
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेश प्रस्तावों को केवल एमओयू तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें तेजी से धरातल पर उतारने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए। संभावित निवेशकों से लगातार संवाद और समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप एमओयू कराने तथा निवेशकों को आवश्यक विभागीय सहयोग उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि 20 हजार करोड़ रुपए के निवेश लक्ष्य की प्राप्ति से सोनभद्र के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। नए उद्योग और व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थापित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तथा युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बैठक में उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार चैधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अजय कुमार मिश्रा, पर्यटन अधिकारी राजेश भारती, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, उद्यमी मित्र नितिन प्रकाश आदि मौजूद रहे।