बहराइच। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्लूडब्लूआई) द्वारा संचालित डब्ल्यूआईआई-एनएमसीजी जलज परियोजना के अंतर्गत 17 से 21 जून 2026 तक उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के बरदिया गांव में पांच दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नदी तटीय समुदायों की महिलाओं को स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण के माध्यम से आजीविका सशक्तिकरण हेतु प्रशिक्षित करना था।read more:https://pahaltoday.com/pm-modi-calls-for-women-empowerment-calls-women-reservation-a-historic-opportunity/प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से थारू जनजाति की 25 महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यमिता से संबंधित व्यावहारिक कौशल प्रदान किए गए, जिससे वे मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्माण एवं विपणन के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि कर सकें। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को आम, कटहल, मिर्च, लहसुन एवं हल्दी के अचार बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके अतिरिक्त आम पापड़, उड़द पापड़, टमाटर कैचप तथा पौष्टिक मोरिंगा लड्डू तैयार करने की विधियां भी सिखाई गईं, जिससे पारंपरिक खाद्य संरक्षण एवं स्वास्थ्यवर्धक खाद्य उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।प्रशिक्षण सत्रों का संचालन सुश्री निधि मिश्रा एवं सुश्री शिवानी पुंडीर द्वारा किया गया, जबकि तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रदर्शन आरसेटी की विशेषज्ञ प्रशिक्षक अनीता मिश्रा द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने खाद्य प्रसंस्करण की विभिन्न प्रक्रियाओं जैसे सफाई, छीलना, काटना, मिश्रण, संरक्षण, पैकेजिंग एवं भंडारण तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। कार्यक्रम का सफल समापन एक वैलिडिक्टरी सत्र के साथ हुआ, जिसमें डब्लूडब्लूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन की विशेष उपस्थिति एवं सहयोग रहा। समापन समारोह में उप प्रभागीय अधिकारी शिवकांत शर्मा एवं वन क्षेत्राधिकारी, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग आशीष गौर एवं माहे अंजुम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।अपने संबोधन में मुख्य अतिथियों ने भारतीय वन्यजीव संस्थान एवं जलज परियोजना द्वारा ग्रामीण एवं जनजातीय महिलाओं के लिए आजीविका संवर्धन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण को आय सृजन, फसलोपरांत हानि में कमी तथा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बताया तथा प्रतिभागियों को प्राप्त कौशल का उपयोग स्वरोजगार एवं लघु उद्यम स्थापित करने में करने के लिए प्रेरित किया।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जलज परियोजना के उन व्यापक उद्देश्यों को प्रतिबिंबित करता है, जिनके माध्यम से जैव विविधता संरक्षण को सामुदायिक विकास एवं सतत आजीविका से जोड़ा जा रहा है। महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण संबंधी व्यावहारिक कौशल प्रदान कर यह पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, आत्मनिर्भरता बढ़ाने तथा नदी तटीय समुदायों के समावेशी विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन जलज परियोजना के अंतर्गत सामुदायिक सशक्तिकरण एवं सतत आजीविका संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।