बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तत्वाधान में आयोजित एक दिवसीय मण्डलीय गोष्ठी का मण्डलायुक्त ने दीप प्रज्जवलित कर किया शुभारम्भ

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बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तत्वाधान में आयोजित एक दिवसीय मण्डलीय गोष्ठी का मण्डलायुक्त ने दीप प्रज्जवलित कर किया शुभारम्भ
कम वजन के जन्म लेने वाले बच्चे, अल्पवजन की किशोरी बालिकाओं एवं अल्पवजन की गर्भवती महिलाओं को बाल विकास द्वारा अनुपूरक पुष्टाहार निर्धारित मात्रा में कराये उपलब्ध -मण्डलायुक्त
स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से जांच करते हुए आवश्यक दवाओं का भी कराये वितरण
मीरजापुर  मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल डाॅ0 मुथुकुमार स्वामी बी0 की अध्यक्षता में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तत्वाधान में एक दिवसीय मण्डलीय गोष्ठी का आयोजन आयुक्त कार्यालय सभागार में किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ मण्डलायुक्त द्वारा दीप प्रज्जवलित कर गोष्ठी का शुभारम्भ किया गया। मण्डलीय गोष्ठी हेतु निदेशालय स्तर से नामित नोडल अधिकारी अजय सिंह विधि अधिकारी द्वारा राज्य सरकार द्वारा आंगनबाडी केन्द्रों पर कायाकल्प हेतु निर्धारित रोडमैप के बारे में जानकारी प्रदान की गयी। तत्पश्चात आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अवस्थापना सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्वित कराने हेतु आंगनबाडी केन्द्रों के कायाकल्पित करने के लिए तकनीकी जानकारी एवं अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में यूनीसेफ स्टेट रिसोर्स परसन कमलेश पाण्डेय द्वारा जानकारी प्रदान की गयी, जिससे आंगनबाड़ी केन्द्रों पर लाभार्थियों को समेकित संसाधन प्राप्त हो सके तथा विभागीय योजनाओं के लाभ से आच्छादित हो सके।
मण्डलायुक्त द्वारा विभागीय योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए निर्देशित किया कि बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं को बच्चों एवं महिलाओं से सम्बन्धित है जो शासन के शीर्ष प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहां कि आंगनबाडी केन्द्रों पर संसाधनों का सुदृढीकरण करने हेतु शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुसार ग्राम्य विकास विभाग, पंचायत विभाग, बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग एवं आई0सी0डी0एस0 के अधिकारी आपसी समन्वय से केन्द्रों पर निर्धारित 18 इण्डीकेटर से आच्छादित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कम वजन के जन्म लेने वाले बच्चे, अल्पवजन की किशोरी बालिकाओं एवं अल्पवजन की गर्भवती महिलाओं को बाल विकास द्वारा अनुपूरक पुष्टाहार निर्धारित मात्रा में उपलब्ध कराया जाय और इसकी स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करते हुए आवश्यक दवाओं का वितरण करें एवं स्वास्थ्य जांच तथा अन्य सुविधायें उपलब्ध करायें तथा अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के लाभ से आच्छादित करें, जिससे महिलाओं एवं बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हो सके। साथ ही निर्देशित किया गया कि शादी होने तक किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाय जिससे कम वजन वाले बच्चों के जन्म में कमी लायी जा सकें। मण्डल स्तर पर पोषण के क्षेत्र में किये गये कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए समस्त अधिकारियों को भी आपस में समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई समस्या आ रही हो तो समीक्षा बैठकों में अवगत कराये और जो समस्या राज्य स्तर पर हो उसे मेरे स्तर से समाधान करने हेतु प्रस्ताव प्रेषित करायें। मण्डलायुक्त ने कहा कि मेरे द्वारा प्रत्येक माह मण्डल पोषण समिति के बैठकों में इसकी नियमित समीक्षा की जायेगी। जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले फ्रण्टलाइन वर्कर यथा- ए0एन0एम0, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री का समय-समय पर डेवलेपमेंट पार्टनर, यूनीसेफ एवं टाटा ट्रस्ट द्वारा क्षमतावर्धन हेतु प्रशिक्षण का आयोजन करने हेतु निर्देशित किया गया।
तत्पश्चात जनपद में मीरजापुर, सोनभद्र एवं भदोही जिला कार्यकम अधिकारियों द्वारा सम्बन्धित जनपदों में कायाकल्प के अन्तर्गत किये गये कार्यों एवं अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यकम के अन्त में जिला कार्यकम अधिकारी मीरजापुर द्वारा गोष्ठी में उपस्थित मण्डलायुक्त  सहित समस्त अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यकम समापन की घोषण की गयी। कार्यकम में अपर निदेशक बेसिक शिक्षा, उप निदेशक पंचायत राम जियावन, अपर निदेशक स्वास्थ्य राजेंद्र पाण्डेय, मुख्य अभियन्ता लो0नि0वि0, जिला विकास अधिकारी श्रवण कुमार राय, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, तीनों जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता लो0नि0वि0/ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, खण्ड विकास अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं जूनियर इंजीनियर ने उपस्थित रहे।

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