क्रिकेट की पिच से राष्ट्रीय राजनीति के धुरंधर बने धनंजय शर्मा

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बाराबंकी। राजनीति में कुछ चेहरे विरासत से पहचान पाते हैं, जबकि कुछ अपने संघर्ष, संगठन क्षमता और लगातार सक्रियता के दम पर धीरे-धीरे राष्ट्रीय मंच तक पहुंचते हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय सचिव धनंजय शर्मा का नाम आज ऐसे ही युवा नेताओं में लिया जा रहा है, जिनका सफर छात्र राजनीति, खेल मैदान और जमीनी संघर्षों से होकर राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचा है। हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की मुखिया एवं महाराष्ट्र सरकार की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए कई नई जिम्मेदारियों का ऐलान किया। पार्टी ने युवा नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए पार्थ पवार को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर राज्यसभा भेजा, वहीं जय पवार को राष्ट्रीय सचिव एवं प्रशासन की जिम्मेदारी दी गई। धीरज शर्मा को युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। इन्हीं नियुक्तियों के बीच धनंजय शर्मा को संगठन में मिली अहम जिम्मेदारी ने राजनीतिक गलियारों का ध्यान अपनी ओर खींचा। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और युवाओं के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। जनपद बाराबंकी में जन्में धनंजय शर्मा की कहानी पारंपरिक राजनीतिक पृष्ठभूमि से अलग दिखाई देती है। लखनऊ विश्वविद्यालय की क्रिकेट टीम के सक्रिय सदस्य रहे धनंजय ने युवाओं के बीच अपनी पहली पहचान खेल मैदान से बनाई। क्रिकेट ने उन्हें केवल लोकप्रियता ही नहीं दी, बल्कि टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और दबाव में निर्णय लेने का अनुभव भी दिया। करीबी लोग बताते हैं कि मैदान पर शांत दिखने वाले धनंजय संगठनात्मक मामलों में हमेशा सक्रिय और योजनाबद्ध तरीके से काम करने के लिए जाने जाते रहे हैं। यही गुण आगे चलकर छात्र राजनीति में उनकी सबसे बड़ी ताकत बने।read more:https://pahaltoday.com/smart-village-bharatpur-is-on-its-way-to-becoming-a-reality-the-dreams-of-the-displaced-are-taking-new-flight/ विश्वविद्यालय जीवन के दौरान धनंजय शर्मा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की छात्र इकाई से जुड़े। यह वह दौर था जब उत्तर प्रदेश की छात्र राजनीति में कई नए चेहरे उभर रहे थे। धनंजय ने भी युवाओं के मुद्दों, छात्र समस्याओं और संगठन विस्तार पर काम करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। कम समय में ही पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें छात्र सभा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने प्रदेशभर में संगठन को सक्रिय करने और युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करने का काम किया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इसी दौर में धनंजय शर्मा ने जमीनी राजनीति को करीब से समझा। छात्र आंदोलनों, संगठन बैठकों और कार्यकर्ताओं के बीच लगातार मौजूदगी ने उन्हें एक सक्रिय युवा नेता के रूप में स्थापित किया। छात्र राजनीति के बाद धनंजय शर्मा को पार्टी की युवा इकाई में बड़ी जिम्मेदारी मिली। यहां भी उन्होंने संगठन विस्तार और नए युवाओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया। उनकी सक्रियता और कार्यशैली को देखते हुए उन्हें यूथ विंग का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। पार्टी के भीतर उनकी पहचान ऐसे नेता की बनने लगी जो केवल भाषण तक सीमित नहीं, बल्कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम करता है।read more:https://pahaltoday.com/smart-village-bharatpur-is-on-its-way-to-becoming-a-reality-the-dreams-of-the-displaced-are-taking-new-flight/ यही वजह रही कि उत्तर प्रदेश में उनका राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ता गया। साल 2019 में धनंजय शर्मा ने कैसरगंज लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। भले ही चुनावी परिणाम उनके पक्ष में न रहे हों, लेकिन इस चुनाव ने उन्हें प्रदेश से बाहर भी पहचान दिलाई।।राजनीतिक जानकार मानते हैं कि चुनाव लड़ने के बाद पार्टी नेतृत्व के बीच उनकी स्वीकार्यता और मजबूत हुई। इसके बाद उन्हें प्रदेश अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई। वर्तमान समय में धनंजय शर्मा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के रूप में कार्य कर रहे हैं। हाल ही में गठित नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उन्हें किसान सभा, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग प्रकोष्ठ से जुड़े राष्ट्रीय कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। यह जिम्मेदारी केवल संगठनात्मक नहीं मानी जा रही, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। किसान, बुजुर्ग और दिव्यांगजन जैसे वर्गों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर जमीनी राजनीति से जुड़ी हुई है। धनंजय शर्मा का कहना है कि राजनीति केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की आवाज को मजबूत मंच देना भी राजनीतिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि धनंजय शर्मा को मिली नई जिम्मेदारी के पीछे उत्तर प्रदेश में पार्टी को सक्रिय करने की बड़ी रणनीति भी जुड़ी हुई है। उत्तर भारतीयों के बीच उनकी पकड़ और युवाओं के साथ मजबूत संवाद क्षमता को देखते हुए पार्टी उन्हें उत्तर भारत में संगठन विस्तार के अहम चेहरे के रूप में देख रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में युवा नेतृत्व और सामाजिक मुद्दों के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश करेगी, जिसमें धनंजय शर्मा की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

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