पार्किंग में लगी भीषण आग, धुएं ने ली महिला की जान

Share

पार्किंग में लगी भीषण आग, धुएं ने ली महिला की जान

लोनी। डीएलएफ अंकुर विहार में एमएम रोड पर बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े 12 बजे चार अपार्टमेंट की पार्किंग में भीषण आग लग गई। इनमें से एक की दूसरी मंजिल के फ्लैट में पूनम ( 50) की धुएं से दम घुट जाने से मौत हो गई जबकि उनके पति नवीन शर्मा ( 52) अचेत हो गए। उनकी हालत गंभीर है। चार अपार्टमेंट में रहने वाले 30 परिवारों के 120 लोगों में से 100 ने सीढ़ी के सहारे पास की इमारत में पहुंचकर अपनी जान बचाई। 20 लोग निकल नहीं पाए। उनको पुलिस, दमलकल कर्मियों और अन्य लोगों ने एक-एक करके बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। इस कोशिश में दो दरोगा, एक सिपाही और दो युवक झुलस गए।पार्किंग में खड़ीं 16 बाइक-स्कूटी और चार कार जलकर कबाड़ में बदल गईं। आग लगने की वजह फिलहाल पता नहीं चल सकी है। मौके पर मौजूद रहे सभासद राम निवास त्रिपाठी ने बताया कि अंकुर विहार में एक बिल्डर ने एमएम-52, एमएम- 53, बी 11/3 और बी 11/4 नाम से चार अपार्टमेंट का निर्माण कराया था। इनमें कुल मिलाकर 50 फ्लैट हैं। 40 में लोग रहते हैं जबकि खाली हैं। सबसे पहले एमएम-153 के भूतल में बनी पार्किंग में आग लगी। यह एक-एक कर आपस में सटी चारों इमारतों की पार्किंग में फैल गई । धुएं से दम घुटने लगा तो चारों इमारतों में चीख-पुकार मच गई। नींद से झटके से जागे लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। रास्ते आग से घिरे थे। ऐसे में लोग इमारतों की छत पर गए। वहां से सीढ़ी लगाकर पास की इमारतों में उतरे। यहां से दस मीटर दूरी पर ही डीएलएफ पुलिस चौकी है। आग की लपटें देख वहां से पुलिसकर्मी आ गए। उनकी सूचना पर 50 मिनट तक दमकल पहुंची। । मदद की गुहार लगाते लगाते दुनिया छोड़ गईं पूनम नवीन शर्मा और पूनम शर्मा गहरी नींद में सो रहे थे कि फ्लैट में धुआं घुस गया। सांस लेने में तकलीफ हुई तो आंख खुल गई। दोनों गेट खोलकर बालकनी में आए। तब तक धुआं फैल चुका था। कुछ नजर नहीं आ रहा था। पूनम जोर से चिल्लाकर मदद की गुहार लगाने लगीं। नीचे खड़े दमकल और पुलिसकर्मियों ने उनकी आवाज सुनी और भरोसा दिया कि वे जल्द ही उन्हें निकाल लेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि दंपती ने खुद भी निकलने की कोशिश की होगी, लेकिन धुआं ज्यादा होने से फंसे रह गए। उन्हें बचाने के लिए पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बताया कि करीब पांच मिनट तक दोनों की आवाज सुनाई दी, फिर अचनाक बंद हो गई। वे सीढ़ी लगाकर उनके फ्लैट तक पहुंचा। पहले बालकनी में देखा। वहां धुआं भरा था। कुछ नजर नहीं आ रहा था। उन्होंने आवाज लगाई, कोई है, लेकिन जवाब नहीं मिला। इस पर फ्लैट के अंदर गए। टाॅर्च से देखा तो दंपती फर्श पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। पुलिसकर्मी उन्हें पीठ पर रखकर सीढ़ी के सहारे बाहर लाए। अस्पताल ले जाने पर डाॅक्टर ने बताया कि पूनम की मौत हो चुकी है। नवीन को गंभीर हालत में दिल्ली रेफर कर दिया गया। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि पत्नी साथ छोड़कर जा चुकी है। फ्लैट में कोई और नहीं रहता है। बेटा कुनाल गुरुग्राम में नौकरी करता है और वहीं रहता है। एंबुलेंस नहीं आई, बिजलीघर से लाए सीढ़ी हर दूसरे-तीसरे दिन आग लगने की बड़ी घटना होने के बावजूद दमकल के पास राहत और बचाव कार्य के लिए पर्याप्त संसाधन तक नहीं हैं। अंकुर विहार में आग लगने की घटना में इनकी कमी एक बार फिर महसूस हुई। धुएं के बीच फ्लैट से अचेत अवस्था में बाहर निकाले गए नवीन शर्मा और पूनम को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। पुलिसकर्मी फोन करते रहे लेकिन आधा घंटा तक एंबुलेंस का कोई अता-पता नहीं था। हालांकि, इससे पहले ही अंकुर विहार थाना प्रभारी ललित कुमार अपनी गाड़ी से दोनों को अस्पताल ले गए। दूसरी ओर फ्लैटों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए दमकल के पास सीढ़ी नहीं थी। पुलिस ने लोगों से सीढ़ी मांगी। उनके पास भी नहीं थी। ऐसे में पुलिसकर्मी आधा किलोमीटर दूर बिजली घर गए। वहां से सीढ़ी लेकर आए। इसके बाद बचाव कार्य शुरु हो सका।
अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *