रामलीला: ‘भए प्रगट कृपाला दीन दयाला, कौशल्या हितकारी’, रामायण की यह चौपाई बजते ही भाव विभोर हुए श्रद्धालु

Share

रामलीला: ‘भए प्रगट कृपाला दीन दयाला, कौशल्या हितकारी’, रामायण की यह चौपाई बजते ही भाव विभोर हुए श्रद्धालु

दिल्ली-एनसीआर
लालकिला मैदान में रामलीला करा रही लवकुश रामलीला कमेटी ने प्रभु जन्म, विश्वामित्र आगमन, ताड़का, सुबाहु मारीच वध आदि लीला का मंचन किया। उधर, श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से माधवदास पार्क में कराई जा रही रामलीला में पृथ्वी पर राक्षसों का घोर उत्पात मचाने और ऋषि मुनियों को सताने के साथ-साथ उन्हें कष्ट देने की लीला हुई।राजधानी में सोमवार को रामलीला कमेटियों के पंडाल रामायण की चौपाई भए प्रगट कृपाला दीन दयाला, कौशल्या हितकारी से गूंज उठे। इतना ही नहीं, पंडालों में चारों ओर जय श्रीराम और पुरुषोत्तम राम का काफी देर तक जयघोष हुआ। इसके बाद मंचों पर ताड़का, मारीच, सुबाहु आदि राक्षसों के संहार की लीला मंचन किया गया। रामलीला मंचन के अंत में कमेटियों ने ताड़का का पुतला जलाया। लालकिला मैदान में रामलीला करा रही लवकुश रामलीला कमेटी ने प्रभु जन्म, विश्वामित्र आगमन, ताड़का, सुबाहु मारीच वध आदि लीला का मंचन किया। कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि कई फिल्म कलाकारों ने विभिन्न पात्रों की भूमिका अदा की। इसी मैदान में मंचन कराने वाली नवश्री धार्मिक लीला कमेटी के कलाकारों ने पृथ्वी पर राक्षसों का घोर उत्पात मचाने, ऋषि-मुनियों को सताने के बीच राम जन्म की लीला की। कमेटी प्रवक्ता राहुल शर्मा ने बताया कि लीला के अंत में ताड़का का पुतला चलाया गया। श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से माधवदास पार्क में कराई जा रही रामलीला में पृथ्वी पर राक्षसों का घोर उत्पात मचाने और ऋषि मुनियों को सताने के साथ-साथ उन्हें कष्ट देने की लीला हुई। कमेटी के प्रवक्ता रवि जैन ने बताया कि राजा दशरथ के यहां भगवान का मर्यादा पुरुषोत्तम राम के रूप में जन्म होने और उनके बाद लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुघ्न के जन्म की लीला हुई। रामलीला मैदान में श्री रामलीला कमेटी ने गुरु वशिष्ठ के आश्रम में चार भाइयों के विद्या ग्रहण करने के बाद वापस अयोध्या आने का भी मंचन किया। मॉडल टाउन के डेरावाल नगर की नव श्री मानव धर्म रामलीला कमेटी ने भगवान राम और माता सीता के जन्म की लीला कराई। कमेटी के चेयरमैन अखिल सिंघल ने बताया कि ताड़का वध का भी मंचन किया गया। जबकि चिराग दिल्ली की श्री धार्मिक लीला कमेटी दक्षिण दिल्ली के अध्यक्ष राकेश गुलिया ने बताया कि ऋषि विश्वामित्र का दशरथ के दरबार में पधारने और राम एवं लक्ष्मण को मांग कर अपने साथ ले जाने, राम के यज्ञ की रक्षा करने और ताड़का का संहार करने की लीला की गई। श्री रामलीला कमेटी पी यू ब्लॉक पीतमपुरा ने रावण वेदवती संवाद, राम जन्म और ताड़का वध का मंचन किया गया। कमेटी के उपाध्यक्ष संजय बगाड़िया ने बताया कि ताड़का का पुतला भी जलाया गया। वहीं रामलीला कमेटी अशोक विहार फेस-एक ने राम जन्म व रावण तपस्या की लीला कराई, वहीं आदर्श रामलीला कमेटी अशोक विहार फेस-दो की रामलीला में प्रभु जन्म, विश्वामित्र आगमन और ताड़का वध का मंचन हुआ। जबकि श्री रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ के अध्यक्ष सुरेश बिंदल ने बताया कि उनके ने रावण व उसके भाइयों की तपस्या, भगवान विष्णु का राम के रूप में अवतार लेने का मंचन कराया। सबसे पुरानी कमेटी करा रही सादगी से मंचनदिल्ली की ही नहीं, बल्कि देश की सबसे पुरानी श्रीरामलीला कमेटी तड़क-भड़क के बजाए सादगी के साथ रामलीला का मंचन करा रही हैं। कमेटी के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आज भी मंचन के दौरान पुरानी परंपरा को जारी रखा गया है। मंचन से पहले व बाद में चांदनी चौक से लेकर मंचन स्थल रामलीला मैदान तक सवारी निकाली जाती है। इलाके के निवासी इस सवारी के आने का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *