एसडीएम ने बस्तीवासियों से किया वार्ता, न्यायालय के आदेश की दी जानकारी
डाला, सोनभद्र। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में डाला स्थित मलिन बस्ती की जमीन खाली कराने के मामले में सोमवार को ओबरा एसडीएम विवेक कुमार सिंह अपनी टीम के साथ सेक्टर-सी हनुमान मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मलिन बस्ती के सैकड़ों लोगों के साथ बैठक कर न्यायालय के आदेश की जानकारी दी और उसका पालन करने को कहा।read more:https://khabarentertainment.in/prof-rk-jain-arijit-the-question-of-political-behavior-facing-institutional-culture/ एसडीएम विवेक कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में कहा गया था कि जिस जमीन पर मलिन बस्ती के लोग रह रहे हैं, वह स्थानीय सीमेंट कंपनी की भूमि है। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि वहां निवास कर रहे 268 लोगों को पुनर्वास के तहत एक-एक विस्वा जमीन और एक-एक लाख रुपए देकर भूमि खाली कराई जाए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक माह पूर्व नोटिस दिया जा चुका है, जिसकी अवधि अब समाप्त हो चुकी है। ऐसे में संबंधित लोग तहसील में जाकर जमीन का पट्टा और एक लाख रुपये की धनराशि प्राप्त कर भूमि खाली कर दें। एसडीएम की बात सुनते ही बस्ती के लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने कहा कि वे करीब 50 वर्षों से यहां रह रहे हैं और इस दौरान सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर बस्ती में विकास कार्य कराए गए हैं। यहां पक्के आवास, शौचालय, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। बस्तीवासियों ने कहा कि प्रस्तावित पुनर्वास स्थल पर जाने से उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने संयुक्त रूप से मांग की कि जिन जमीनों पर उन्हें पुनर्वास के लिए भेजा जा रहा है, वह जमीन कंपनी को दे दी जाए और उनकी मौजूदा बस्ती को न उजाड़ा जाए, क्योंकि इससे बच्चों की पढ़ाई और लोगों के जीवन-यापन पर असर पड़ेगा। बैठक के दौरान नगर पंचायत की चेयरमैन फुलवंती कुमारी, पारस यादव, मंगल जायसवाल, मलिन बस्ती के नेता मदन अग्रहरि, बबुन्दर पाठक, नागेंद्र पासवान, उमेश मेहता, सुभाष राणा, अवधेश चैहान, रमेश भारती, गुंजा अग्रहरि, लक्ष्मण कुशवाहा, उदय पांडेय, हरिश्चंद्र सिंह समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।