Ajit Vikram:गाजीपुर। वीर सपूतों, महान साहित्यकारों और क्रांतिकारियों की धरती गाजीपुर एक बार फिर अपनी मेधा के कारण चर्चा में है। हाल ही में घोषित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में जनपद के करीब आधा दर्जन होनहार युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। इन प्रतिभाशाली युवाओं की सफलता से जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। शुभम सिंह ने हासिल की 21वीं रैंकजनपद के टांडा सादात ग्राम निवासी दीनानाथ सिंह के पुत्र शुभम सिंह ने यूपीएससी परीक्षा में 21वीं रैंक प्राप्त कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।read more:https://khabarentertainment.in/wp-admin/post-new.php
वर्तमान में उनका परिवार गांव से बाहर रह रहा है, लेकिन उनकी ऐतिहासिक सफलता पर गांव और क्षेत्र में जश्न का माहौल है।प्रियंका चौधरी ने 79वीं रैंक से बढ़ाया मान जखनियां तहसील में कार्यरत संग्रह अनुसेवक नीरा राम की पुत्री प्रियंका चौधरी (कनौजिया) ने 79वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मूल रूप से चौकिया गांव की निवासी प्रियंका ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा महावीर सर्वोदय इंटर कॉलेज, जखनियां से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने भौतिक विज्ञान से एमएससी किया और वर्तमान में बीएचयू से पीएचडी की तैयारी कर रही थीं।साइमा सेराज अहमद ने फिर साबित की प्रतिभाउसियां गांव की बेटी खान साइमा सेराज अहमद ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वर्तमान में वह आईआरएस अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।read more:https://khabarentertainment.in/wp-admin/post-new.php इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखते हुए इस बार यूपीएससी परीक्षा में 135वीं रैंक हासिल कर अपनी उपलब्धि को और बेहतर बनाया।प्रांजल राय को पहली कोशिश में मिली सफलतानगसर गांव के प्रांजल राय ने पहले ही प्रयास में 250वीं रैंक हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। उन्होंने बीआईटी रांची से बीटेक करने के बाद अमेजन कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य किया। इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने मुख्य परीक्षा में हिंदी विषय का चयन किया। उनके पिता अजित राय हिंदी के प्रवक्ता और जाने-माने साहित्यकार हैं।दीपक ने 672वीं रैंक हासिल कर किया कमाल जमानियां के बजरंग नगर कॉलोनी निवासी और फौजी पिता रामवृक्ष के इकलौते पुत्र दीपक ने 672वीं रैंक प्राप्त की। एनआईटी वारंगल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने रायपुर की एक मल्टीनेशनल कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में काम किया। दो वर्ष पहले नौकरी छोड़कर दिल्ली में तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की।जिले में खुशी और गर्व का माहौल इन होनहार युवाओं की सफलता पर गाजीपुर की राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत सहित कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई दी है। उनकी इस उपलब्धि से जिले के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है।गाजीपुर के इन प्रतिभाशाली युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और संकल्प मजबूत हो, तो दुनिया की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा को भी सफलता के साथ पार किया जा सकता है।