लखनऊ। फैजुल्लागंज में बाढ़ की विभीषिका ने सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी और आशियाने का संकट खड़ा कर दिया है। बाढ़ के पानी से प्रभावित परिवारों के लिए जीवनयापन मुश्किल हो गया है। ऐसे संकट के बीच टीम लखनऊ (PECT) ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए राहत और सेवा की मिसाल पेश की। संस्था की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित की गईं और लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक रसोई (लंगर सेवा) का आयोजन किया गया।टीम लखनऊ (PECT) के सदस्यों ने फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री बांटी। राशन किट में चावल,दाल, आटा, तेल, मसाले और सब्जियों सहित रोजमर्रा की जरूरत का सामान शामिल था। इसके साथ ही सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई, ताकि मुश्किल हालात में उन्हें खाने के लिए परेशान न होना पड़े।राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने कहा, “फैजुल्लागंज में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की पीड़ा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस संकट की घड़ी में जरूरतमंदों तक राशन पहुँचाना और सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। टीम लखनऊ (PECT) और इमेजिन रिजॉर्ट के माध्यम से हमारा प्रयास है कि कोई भी पीड़ित परिवार भूखा न रहे और उसे इस कठिन समय में आवश्यक सहायता मिल सके।उन्होंने आगे कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर एक-दूसरे की मदद करना ही सच्ची इंसानियत है। विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं, समाजसेवियों और कारोबारियों का एक साथ आकर राहत कार्यों में सहयोग करना सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की मिसाल है। जरूरतमंदों की सेवा केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुँचाने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेंगे।”बाढ़ के कारण परेशान परिवारों को राहत सामग्री मिलने से उनके चेहरों पर मुस्कान दिखाई दी। इस सेवा अभियान ने प्रभावित लोगों को यह भरोसा भी दिलाया कि संकट की इस घड़ी में समाज उनके साथ खड़ा है।इस राहत अभियान में शहर की प्रमुख धार्मिक, सामाजिक और कारोबारी हस्तियों ने भाग लिया। मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरि महाराज, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया से मौलाना मुश्ताक नदवी, मौलाना गुफरान,राजेंद्र सिंह बग्गा, अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
इसके अलावा इमेजिन रिसोर्ट के डायरेक्टर व राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहित अग्रवाल, रॉयल कैफे के मैनेजिंग डायरेक्टर मुरलीधर आहूजा, अमीर खालिद,पूर्व इनकम टैक्स अधिकारी एवं क्रिकेट खिलाड़ी निगहत खान, और समाजसेवी गुरुजीत छावड़ा,कपिल सिंह, ने भी राहत कार्य में सहयोग किया। टीम लखनऊ की सहयोगी संस्थाओं, सदस्यों और अन्य समाजसेवियों ने भी जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने में योगदान दिया।सेवा अभियान के दौरान महंत दिव्या गिरि महाराज ने कहा, “मुसीबत के समय एक-दूसरे का सहारा बनना ही सबसे बड़ा धर्म है।” वहीं, मौलाना मुश्ताक नदवी ने टीम लखनऊ के प्रयास की सराहना की। चारबाग गुरुद्वारे के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने इस पहल को सच्ची गुरु सेवा की भावना से जुड़ा कार्य बताया।धार्मिक और सामाजिक हस्तियों की साझा भागीदारी ने यह संदेश दिया कि प्राकृतिक आपदा के समय इंसानियत, सहयोग और भाईचारा ही सबसे बड़ी ताकत हैं। जरूरतमंदों की मदद के लिए सभी का एक मंच पर आना सामाजिक एकता की महत्वपूर्ण मिसाल बना।
टीम लखनऊ (PECT) की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आपदा की घड़ी में पीड़ितों का साथ देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए राशन वितरण और सामुदायिक रसोई जैसी पहलें न केवल तत्काल राहत पहुंचाती हैं, बल्कि उनमें उम्मीद और भरोसा भी जगाती हैं।इस अवसर पर टीम लखनऊ के अध्यक्ष मुर्तजा अली के साथ जुबैर अहमद, वामिक खान, अब्दुल वहीद, मोहम्मद फरहान, बदरुल हसन एडवोकेट,कुदरत उल्ला खान,जसबीर सिंह गांधी, मोहम्मद कैफ,अलीमा अजीम, साबिर अली,फहद,और फहीम सहित टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।फैजुल्लागंज में बाढ़ की चुनौती के बीच टीम लखनऊ (PECT) का यह सेवा अभियान मानवता, सामाजिक सद्भाव और आपसी सहयोग का संदेश देता है। प्राकृतिक आपदा भले ही लोगों की मुश्किलें बढ़ा दे, लेकिन एकजुट समाज जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकता है।