शाह फैज पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना दशहरा, बच्चों ने रामायण का किया सजीव मंचन

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गाजीपुर। शाह फैज पब्लिक स्कूल में दशहरा पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्राइमरी एवं प्री-प्राइमरी वर्ग के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। डांडिया नृत्य, दशहरा पर भाषण, रामायण पर आधारित नाट्य मंचन और प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम के आकर्षण रहे।कार्यक्रम में कक्षा चार के विद्यार्थियों ने मनमोहक डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने दशहरा पर्व के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं, रामायण पर आधारित नाट्य मंचन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन प्रसंगों को जीवंत किया। विभिन्न पात्रों की वेशभूषा में सजे बच्चों ने अपने अभिनय से उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।नाट्य मंचन में भगवान श्रीराम की भूमिका यूकेजी-सी के आयांश और कक्षा चार-ए के अर्पित ने निभाई। माता सीता के रूप में यूकेजी-ए की आन्या और कक्षा चार-ए की आराध्या, लक्ष्मण के रूप में एलकेजी-सी के मेवान और कक्षा चार-सी के कौस्तुभ ने अभिनय किया। वहीं, हनुमान की भूमिका एलकेजी-सी के पारितोष और कक्षा चार-सी के रिशु ने निभाई।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteरावण के रूप में कक्षा चार-ए के सम्राट और श्लोक ने अपनी प्रस्तुति दी।दशहरा और रामायण पर आधारित प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके माध्यम से बच्चों को पर्व के धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक महत्व की जानकारी दी गई। प्री-प्राइमरी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे कार्यक्रम में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बना।इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक, उपप्रधानाचार्य हनीफ अहमद सिद्दीकी और समन्वयक अंजली श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन और संचालन में माधुरी पांडेय, सायमा जमन, प्रियंका सिंह, प्रीति तिवारी और शिप्रदा पांडेय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय के पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने के साथ उनमें नैतिक मूल्यों का विकास करना था। समारोह के माध्यम से बच्चों को संदेश दिया गया कि दशहरा सत्य की असत्य पर और अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। इस प्रकार विद्यालय में आयोजित दशहरा समारोह मनोरंजक होने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक भी रहा।

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