भदोही। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चल रहे शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला में जनपद भदोही इकाई के तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज, भदोही के मैदान में भव्य सर्वस्पर्शी शाखा संगम का आयोजन किया गया। संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में जनपद की कुल 112 दैनिक एवं साप्ताहिक शाखाओं का एकत्रीकरण हुआ, जिसमें जिले के कोने-कोने से आए 800 से अधिक स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। इसके पश्चात सामूहिक रूप से संघ की प्रार्थना “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” का गायन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में काशी प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन की शुरुआत में उपस्थित सभी स्वयंसेवकों को शारदीय नवरात्र की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संघ के इतिहास और उसकी आवश्यकता पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि “हिंदू समाज में आपसी फूट और एकजुटता के अभाव के कारण ही हमारा देश और समाज सदियों तक गुलाम बना रहा। हमारा समाज जातियों में, पंथों में, भाषाओं में टूटता रहा, जिसका लाभ आक्रांताओं ने उठाया और हमारे आराध्य देवी-देवताओं के मंदिरों को तोड़ा गया, हमारे धर्म स्थलों को अपवित्र किया गया। रमेश जी ने कहा कि इसी सामाजिक विघटन की पीड़ा को अनुभव करते हुए परम पूज्य आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। एक छोटी सी शाखा के रूप में शुरू हुआ यह संगठन आज वटवृक्ष बन चुका है और हिंदू समाज को एकजुट करने, उसमें स्वाभिमान जगाने और समाज को सही दिशा देने का कार्य निरंतर 100 वर्षों से कर रहा है। आज संघ का कार्य गांव-गांव, बस्ती-बस्ती तक पहुंच गया है। उन्होंने आगे कहा कि संघ की शाखा ही संघ के कार्य की आत्मा है। शाखा के माध्यम से ही व्यक्ति निर्माण होता है और व्यक्ति निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण का महान कार्य सिद्ध होता है।read more:https://pahaltoday.com/woman-posing-as-a-bride-flees-after-administering-a-sedative-remains-at-large-even-after-a-month-and-a-half/शाखा में हम प्रतिदिन अनुशासन, देशभक्ति और सामाजिक समरसता का संस्कार ग्रहण करते हैं। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों का आह्वान किया कि शताब्दी वर्ष में हमें अपने कार्य का विस्तार करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना है और पंच परिवर्तन – सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य के भाव को जन-जन तक ले जाना है। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राम-जानकी मंदिर, काटेबना के पीठाधीश्वर राजलक्ष्मी राज मंडाजी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि संघ ही एकमात्र ऐसा संगठन है जो बिना किसी स्वार्थ के राष्ट्र और समाज के लिए कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी एवं शिक्षाविद रतन पाठक जी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला संघचालक राजेन्द्र जी उपस्थित रहे। जिला संघचालक जी ने सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन जिला प्रचारक कमलेश जी ने किया। उन्होंने बताया कि जनपद में वर्तमान में 200 से अधिक स्थानों पर नियमित शाखाएं लग रही हैं और शताब्दी वर्ष में इसे 300 तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर सह जिला कार्यवाह, जिला शारीरिक प्रमुख, जिला बौद्धिक प्रमुख, जिला व्यवस्था प्रमुख, सभी छह खंडों के खंड कार्यवाह, खंड प्रचारक, नगर कार्यवाह सहित सभी दायित्वधारी स्वयंसेवक उपस्थित रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचार परिवार – विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय जनता पार्टी, विद्या भारती, भारतीय किसान संघ और सेवा भारती के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन संघ के ध्येय मंत्र कल्याण मंत्र के साथ हुआ, जिसके बाद सभी स्वयंसेवकों ने प्रसाद ग्रहण किया।