ग्रेटर नोएडा, मदर्स प्राइड, स्वर्ण नगरी, ग्रेटर नोएडा ने “Sowing the Seeds of Change” (बदलाव के बीज बोना) कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में प्रकृति की देखभाल और पर्यावरण को बचाने की अच्छी आदतें विकसित करना था।इस अवसर पर विद्यालय की सात विचारधाराओं और सात हरित पहलों को प्रस्तुत किया गया। विद्यालय का लक्ष्य एक ग्रीन स्कूल बनना और सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) ग्रीन स्कूल अवॉर्ड की दिशा में आगे बढ़ना है।विद्यालय की सात हरित पहलें हैं—वर्षा जल संचयन, कम्पोस्ट बिन, रीसाइक्लिंग बिन, किचन गार्डन, पक्षियों के लिए दाना-पानी, जल और बिजली बचाना तथा ग्रीन वंडर वॉल। इन पहलों का उद्देश्य केवल एक दिन के लिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना नहीं है, बल्कि बच्चों में ऐसी आदतें विकसित करना है, जिन्हें वे रोज़ अपने स्कूल और घर में अपनाएँ।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और गिव मी ट्रीज़ ट्रस्ट के संस्थापक श्री पीपल बाबा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय की निदेशक सुश्री गीतांजलि मेहरा और डॉ. ईशा कोहली ने विद्यालय की भविष्य की योजनाओं और हरित पहलों के बारे में बताया।पीपल बाबा ने मदर्स प्राइड की सात हरित पहलों और सात विचारधाराओं की सराहना की और अभिभावकों से भी इन्हें घर पर अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास करने वाले विद्यालय बहुत कम हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मदर्स प्राइड के बच्चे भविष्य में बहुत आगे बढ़ेंगे। विद्यालय की हरित व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए उन्होंने स्कूल को ग्रीन स्कूल अवॉर्ड के लिए आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।बच्चों ने नुक्कड़ नाटक, नृत्य प्रस्तुति और जल संरक्षण पर एकल गीत के माध्यम से पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। एकल गीत की प्रस्तुति नन्हे विद्यार्थी आविष शोरी ने की।कार्यक्रम में लगभग 150 अभिभावकों, शिक्षकों, अतिथियों और शुभचिंतकों ने भाग लिया। इस आयोजन ने पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने के विद्यालय के संकल्प को और मजबूत किया।