मंडावर । दयालवाला स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के परिसर में लंबे समय से गंदगी जमा रहने की शिकायतें सामने आई हैं। सरकारी सफाई कर्मचारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण विद्यालय का प्रांगण, कक्षाओं के आसपास का क्षेत्र और अन्य स्थान गंदगी से अटे पड़े थे। यह स्थिति न केवल पढ़ाई के माहौल को प्रभावित कर रही थी, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम पैदा कर रही थी। इस गंदगी को देखकर विद्यालय के छात्रों ने खुद पहल की। उन्होंने झाड़ू थामकर विद्यालय परिसर की सफाई शुरू कर दी और पूरे प्रांगण को साफ कर दिया। छात्रों की इस जिम्मेदारी भरी कार्रवाई ने स्थानीय लोगों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette कई लोगों ने इसे सराहा कि बच्चे स्वच्छता के प्रति जागरूक हैं और सरकारी कर्मचारियों की कमी को स्वयं पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इस घटना ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन पर सवाल भी खड़े किए हैं। अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी पर नजर रखने और उन्हें जवाबदेह बनाने की मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में छात्रों को पढ़ाई छोड़कर सफाई का काम न करना पड़े।यह घटना सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और रखरखाव की कमी को रेखांकित करती है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्कूल परिसरों को स्वच्छ रखने पर जोर दिया जाता है, लेकिन कई जगहों पर कर्मचारियों की उदासीनता के कारण स्थिति खराब बनी रहती है। छात्रों की इस पहल से उम्मीद जगी है कि प्रशासन इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा।