पेंशनरों ने 8वें वेतन आयोग के मुद्दे पर भरी हुंकार

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बाराबंकी। 8वें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों को शामिल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को सैकड़ों पेंशनरों ने गन्ना कार्यालय परिसर में धरना दिया। ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट पेंशनर्स फेडरेशन और सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के संयुक्त आह्वान पर हुए प्रदर्शन में शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। धरने के बाद 12 सूत्री मांगपत्र जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार अभिषेक चक्रवर्ती को सौंपा गया। जिला अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा ने कहा कि वित्त विधेयक 2025 के प्रावधानों से पेंशनरों के बीच सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर अंतर पैदा हुआ है। संगठन का आरोप है कि एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों और शिक्षकों को 8वें वेतन आयोग के दायरे से बाहर रखा गया है। उन्होंने पुराने पेंशनरों को भी वेतन आयोग का लाभ देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर संगठन पूर्व में धरना, प्रदर्शन, रैली और हस्ताक्षर अभियान चला चुका है। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से पेंशनरों में नाराजगी है। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर मांगों पर निर्णय लेने की अपील की। मांगपत्र में सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर पेंशनरों में अंतर करने वाले प्रावधान को समाप्त करने और पुराने पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग का लाभ देने की मांग की गई।

read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/ वेतन आयोग की प्रक्रिया में देरी को देखते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को अंतरिम राहत देने की मांग भी रखी गई। संगठन ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने के साथ पेंशनरों के लिए अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) बनाने की मांग की। इसके अलावा पेंशन की कम्यूटेशन कटौती 10 वर्ष पूरे होने पर समाप्त करने और 65 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक पांच वर्ष में पेंशन में पांच प्रतिशत वृद्धि की मांग भी की गई। पेंशनरों ने कोरोना काल के 18 माह के लंबित डीए/डीआर एरियर का भुगतान करने और पेंशन को आयकर से मुक्त रखने की मांग उठाई। महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन और मूल पेंशन में मर्ज करने की मांग भी मांगपत्र में शामिल रही। वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट देने तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस उपचार की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की गई। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी उठाई गई। धरना सभा में रामचंद्र निगम, माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष एसपी सिंह, राजकीय शिक्षक संघ से डॉ. अम्बरीष अम्बर, सुरेश चंद्र बैस्वार, सर्वजीत यादव, मुन्नी सिंह, सुशीला वाजपेई, सुरेंद्र कुमार वर्मा, चंद्रशेखर वर्मा, राजेश कुमार गुप्ता, शकुंतला मिश्रा, ओम प्रकाश वर्मा, जेएन रावत, लालजी वर्मा, सुविद्या वत्स, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, हरिनाम रावत, रामयज्ञ सरोज सहित अन्य पेंशनर मौजूद रहे।

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