ललितपुर- हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर काव्य साधना मंच के बैनर तले एक सरस् काव्य संध्या का आयोजन बाल मुकुंद सोनी के आवास पर वरिष्ठ कवि सुदेश सोनी की अध्यक्षता में कवि वीरेन्द्र विद्रोही के संचालन में सपन्न हुयी,आमंत्रित समस्त कवियो ने हिंदी भाषा को अपनी माँ के समान सम्मान देने पर अपने अपने विचार व्यक्त किये, हिंदी भाषा हमारे माथे की बिंदी है,हिंदी भाषा हमारी बातचीत के संबाद को सरल बनाने बहुत से सहायक होती है,आज हर भारतीय को अपनी मातृभाषा हिंदी पर गर्व होना चाहिए,कवि विद्रोही ने कहा कि हिंदी से पहचान हमारी है इस अवसर पर नगर के गीतकार अखलेश शांडिल्य अखिल को महावीरा इवेन्ट्स ग्रुप की ओर से काव्य मनीषी सम्मान से सम्मानित किया गया ,सरस् काव्य संध्या में आमंत्रित रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाये सुनाकर बहुत वाहवाही बटोरी,उपस्थित कवियो में सुदेश सोनी,पुरषोत्तम नारायण पस्तोर,अखिलेश शांडिल्य अखिल,के के पाठक, राजेश लिटौरिया, वीरेंद्र विद्रोही, आदि उपस्थित रहे,अंत मे बालमुकुंद सोनी ने समस्त कवियो और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया