भदोही। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा प्रभारी जनपद न्यायाधीश अमित वर्मा के मार्गदर्शन में जनपद न्यायालय परिसर, ज्ञानपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रातः 10:00 बजे सभागार कक्ष में माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
इस अवसर पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत विवादों एवं मामलों के निस्तारण का सस्ता, सरल एवं समुचित माध्यम है। लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निस्तारण किया जाता है, जिससे किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित मामले अंतिम रूप से निस्तारित हो जाते हैं, जिससे पक्षकारों को समय एवं धन की बचत के साथ-साथ अनावश्यक न्यायिक प्रक्रिया से भी राहत मिलती है। राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद के विभिन्न न्यायालयों एवं प्रशासनिक/राजस्व विभागों से कुल 72,658 मामले निस्तारण हेतु संदर्भित किए गए, जिनमें से 58,039 मामलों का निस्तारण किया गया।
बैंक के प्री-लिटिगेशन मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए ₹3,75,30,132/- की वसूली कराई गई। इसी प्रकार एनआई एक्ट के मामलों में ₹8,68,000/- की समझौता राशि तथा बिजली बिल बकाया से संबंधित मामलों में ₹15,13,207/- की समझौता राशि निर्धारित की गई।
न्यायिक अधिकारियों द्वारा मामलों का निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री रत्नेश मणि त्रिपाठी द्वारा 36 वैवाहिक मामलों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री बंश बहादुर यादव द्वारा 20 मामलों तथा अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत श्री पवन कुमार तिवारी द्वारा 01 मामले का निस्तारण किया गया। वहीं अपर जिला जज द्वितीय श्रीमती पुष्पा सिंह द्वारा 111 मामले, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आनन्द मिश्रा द्वारा 1,498 मामले तथा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आशीष कुमार सिंह द्वारा 339 मामलों का निस्तारण किया गया।
अपर जिला जज/पॉक्सो प्रथम लोकेश कुमार मिश्रा द्वारा बैंक के प्री-लिटिगेशन से संबंधित 832 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक एवं राजस्व विभाग से संबंधित 54,175 मामलों का भी निस्तारण किया गया।
बैंक ऋण वसूली के लिए गठित की गई थी विशेष पीठ
राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता एवं प्रभावी आयोजन के लिए श्रीमती पुष्पा सिंह, अपर जिला जज द्वितीय को नोडल अधिकारी नामित किया गया था। वहीं बैंक के एनपीए खातों में लंबित ऋण की वसूली के लिए प्री-लिटिगेशन स्तर पर पृथक पीठ का गठन किया गया था, जिसके माध्यम से बैंक ऋण से संबंधित मामलों के निस्तारण एवं वसूली की प्रभावी कार्रवाई की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों, न्यायिक कर्मचारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों तथा अधिवक्ताओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।