नवाबगंज, उन्नाव। लगातार बारिश के बाद बसहा झील में जलस्तर बढ़ने से ककोर बाबा के पास हालात बिगड़ गए हैं। बरेला के पास लगने वाली बाजार और नवाबगंज जाने वाला संपर्क मार्ग पानी में डूब गया है। इससे दर्जनभर से अधिक गांवों के ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने से कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं, जबकि कुछ लोग डूबने से बाल-बाल बचे।
घरों में घुसा पानी, छत पर कट रही रात
बसहा झील के आसपास जलभराव इतना बढ़ गया है कि कई घरों में पानी घुस गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवारों को घर तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कई प्रभावित परिवार घर का जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर रखने में भी असमर्थ हैं। कुछ परिवार छतों पर रात गुजारने को मजबूर हैं।read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/
हजारों बीघे धान की फसल जलमग्न
जलभराव का असर गांवों के साथ खेतों पर भी पड़ा है। क्षेत्र में हजारों बीघे धान की फसल पानी में डूब गई है। किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है।
नाला जाम होने से बढ़ी मुसीबत
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले बारिश के दौरान बसहा झील का पानी नाले के जरिए बाहर निकाल दिया जाता था। इस बार सिंचाई विभाग की ओर से नाले की सफाई नहीं कराए जाने के कारण वह जाम पड़ा है। पानी की निकासी बाधित होने से झील का पानी आसपास के गांवों और खेतों में फैल गया है।
जिम्मेदारों पर अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मौके पर हालात देखने तक नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर जलनिकासी की व्यवस्था कराने, बरेला-ककोर बाबा मार्ग को आवागमन योग्य बनाने और प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
पानी ने बदला बाजार का ठिकाना, हादसे का खतरा
बरेला-नवाबगंज मार्ग पर जलभराव के चलते ककोर बाबा पर लगने वाली बाजार अब सेरसा सरायजोगा मार्ग स्थित बरेला गांव के पास लग रही है। सड़क किनारे दुकानें लगने से आवागमन प्रभावित होने के साथ हादसे का खतरा भी बना हुआ है। सब्जी दुकानदार सुनील, रामचंद्र, राजपूत समेत अन्य दुकानदारों ने बताया कि बाजार और रास्ते में पानी भरा होने के कारण मजबूरी में यहां दुकानें लगानी पड़ रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि परिवार का पेट पालना है, इसलिए जोखिम के बावजूद दुकान लगाने को मजबूर हैं।और यहाँ कोई जिम्मेदार अधिकारी देखने तक नही आया।
आठ दिन बाद भी नहीं निकला पानी, अफसरों का सर्वे हवा हवाई
दुंदपुर–हरचंदपुर बांध विवाद के आठ दिन बाद भी जलनिकासी का इंतजाम नहीं हो सका। विवाद के बाद सैकड़ों ग्रामीण नवाबगंज चौकी पहुंचकर पानी निकासी की मांग कर चुके हैं। इसके बाद एसडीएम, सीओ, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल और सिंचाई विभाग के अधिकारियों समेत तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी। गांव में बैठक कर समाधान का भरोसा दिया गया। अगले दिन ड्रोन से सर्वे भी कराया गया, लेकिन अब तक पानी निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो सकी है। ग्रामीणों में जिम्मेदारों की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।