नई दिल्ली, । प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI), इंडियन वुमेन्स प्रेस कॉर्प्स (IWPC), दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (DUJ), प्रेस एसोसिएशन तथा केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (KUWJ) ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर साकेत थाना क्षेत्र में दो स्वतंत्र पत्रकारों, शहीन खान और नफीसा खान, के साथ कथित रूप से हुई मारपीट की घटना की कड़ी निंदा की है।संयुक्त बयान में आरोप लगाया गया है कि दोनों पत्रकार साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के नए विंग के उद्घाटन कार्यक्रम की रिपोर्टिंग कर रहे थे, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उपस्थित थीं। इसी दौरान साकेत थाने के पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया तथा उन्हें पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/प्रेस संगठनों के अनुसार, थाने में दोनों पत्रकारों के साथ कथित रूप से मारपीट की गई और उन्हें धमकियां भी दी गईं। बयान में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दोनों पत्रकारों के शरीर पर चोटों के निशान दिखाई दे रहे हैं।प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और अन्य हस्ताक्षरित संगठनों ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार से मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने तथा दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर स्वतंत्र जांच कराने का आग्रह किया गया है।संयुक्त वक्तव्य पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की अध्यक्ष संगीता बरूआ पिशारोटी तथा महासचिव अफजल इमाम के हस्ताक्षर हैं। बयान में कहा गया है कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा और प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हैं और उनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।