जौनपुर। उत्तर प्रदेश की स्टार्टअप नीति को गति देने के उद्देश्य से लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के इंक्यूबेशन सेंटर को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मान्यता का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह एवं इंक्यूबेशन सेंटर के कार्यकारी निदेशक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर को यह प्रमाण पत्र प्रदान किया।read more:https://pahaltoday.com/18-schoolgirls-suddenly-fainted-due-to-the-scorching-heat/
कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इंक्यूबेशन सेंटर को मिली इस मान्यता से विश्वविद्यालय से जुड़ने वाले स्टार्टअप एवं इनक्यूबेटीज को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। विशेष रूप से सीड फंडिंग, प्रोत्साहन राशि तथा स्टार्टअप विकास से संबंधित अन्य सरकारी सुविधाओं तक उनकी पहुंच अधिक सुगम हो सकेगी। इससे विश्वविद्यालय में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त होगा।कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 पुस्तिका का विमोचन तथा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 107 स्टार्टअप को ₹3.42 करोड़ से अधिक तथा 9 इनक्यूबेटीज को ₹1.79 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री सुनील कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।इंक्यूबेशन सेंटर के कार्यकारी निदेशक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने बताया कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेंटर को मिली मान्यता को विश्वविद्यालय में नवाचार एवं उद्यमिता को संस्थागत रूप से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे पूर्वांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और नवोदित उद्यमियों को अपने विचारों को स्टार्टअप में परिवर्तित करने तथा उन्हें आगे बढ़ाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।