सोनभद्र। बरसात के बाद जिले की सड़कों पर बढ़े गड्ढों और उनसे पैदा हो रहे हादसों के खतरे को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित विभागों को अभियान चलाकर एक सप्ताह के भीतर सड़कों के गड्ढे भरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि गड्ढों के कारण यदि दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी अथवा विभाग की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, दुर्घटनाओं की रोकथाम और बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत समेत विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई/टोल प्लाजा, नगर पालिका-नगर पंचायत और जिला पंचायत के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मार्गों पर ज्यादा गड्ढे हैं अथवा जहां दुर्घटना की आशंका अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर तत्काल मरम्मत कराई जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों की बिंदुवार समीक्षा की। अधिकारियों से प्रत्येक मार्ग की स्थिति, मरम्मत की प्रगति और लंबित कार्यों की जानकारी लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/डीएम ने कहा कि सड़क सुरक्षा सीधे आमजन की जिंदगी से जुड़ा विषय है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशों का अनुपालन सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर धरातल पर साफ दिखाई देना चाहिए। उन्होंने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने और दुर्घटना संभावित स्थलों पर प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा के लिए निराश्रित और आवारा पशुओं को भी बड़ी चुनौती मानते हुए जिलाधिकारी ने नगर निकायों, जिला पंचायत राज विभाग और पशुपालन विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को पकड़कर नियमानुसार गौशालाओं में संरक्षित किया जाए। सड़क पर पशुओं की मौजूदगी से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, इसलिए इस कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि.रा. वागीश कुमार शुक्ला, एसडीएम घोरावल विशाल कुमार, एसडीएम रॉबर्ट्सगंज आशीष त्रिपाठी, संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिशासी अभियंता, एआरटीओ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।