जोहा मेराज ने स्वर्ण पदक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया

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बाराबंकी। जिले की प्रतिभाशाली छात्रा जोहा मेराज ने अपनी मेहनत, लगन और शैक्षणिक उत्कृष्टता के दम पर जिले का नाम रोशन किया है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या की ओर से उन्हें कुलपति स्वर्ण पदक-2026 से सम्मानित किया गया है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में मिली इस उपलब्धि से जोहा मेराज के परिवार, परिचितों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। जोहा मेराज ने विश्वविद्यालय के आयुर्विज्ञान संकाय के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह प्रतिष्ठित उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रमाणपत्र के अनुसार उन्होंने वर्ष 2026 की एमबीबीएस परीक्षा में प्रथम प्रयास में प्रथम श्रेणी प्राप्त की। जोहा मेराज की सफलता की खास बात यह है कि उन्होंने एमबीबीएस की परीक्षा में केवल प्रथम श्रेणी ही हासिल नहीं की, बल्कि सभी संस्थागत परीक्षार्थियों में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। विश्वविद्यालय के प्रमाणपत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्हें कुलपति स्वर्ण पदक-2026 प्रदान किए जाने की पुष्टि की गई है। चिकित्सा शिक्षा जैसे कठिन और प्रतिस्पर्धी पाठ्यक्रम में विश्वविद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करना उनकी मेहनत और शैक्षणिक क्षमता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रमाणपत्र के अनुसार जोहा मेराज ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम की परीक्षा निरंतरता के साथ प्रथम प्रयास में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उन्हें कुलपति स्वर्ण पदक के लिए चुना गया। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एमबीबीएस की पढ़ाई में लगातार मेहनत, अनुशासन और लंबे समय तक अध्ययन की आवश्यकता होती है। ऐसे में विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वाधिक अंक हासिल करना जोहा मेराज के लिए बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि है। जोहा मेराज को कुलपति स्वर्ण पदक प्रदान किए जाने से संबंधित प्रमाणपत्र 12 अगस्त 2026 को अयोध्या में जारी किया गया। प्रमाणपत्र पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के हस्ताक्षर हैं। विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रमाणपत्र जोहा मेराज की शैक्षणिक उपलब्धि का आधिकारिक दस्तावेज है। इस उपलब्धि के सामने आने के बाद उनके परिवार और शुभचिंतकों ने खुशी जाहिर की है। जोहा मेराज की इस सफलता की खबर मिलते ही उनके परिवार, परिचितों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। परिजनों और शुभचिंतकों का कहना है कि जोहा मेराज ने अपनी मेहनत और लगन से परिवार के साथ-साथ बाराबंकी जिले का भी गौरव बढ़ाया है।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/
विद्यार्थियों के लिए बनीं प्रेरणा
जोहा मेराज की सफलता बाराबंकी के उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो चिकित्सा शिक्षा और अन्य प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। एमबीबीएस जैसे कठिन पाठ्यक्रम में विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वाधिक अंक हासिल कर स्वर्ण पदक प्राप्त करना यह संदेश देता है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उनकी सफलता जिले के युवाओं और विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीरता से मेहनत करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर काम की उम्मीद
कुलपति स्वर्ण पदक-2026 हासिल करने वाली जोहा मेराज के लिए यह उपलब्धि उनके शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। परिवार और शुभचिंतकों ने उम्मीद जताई है कि वह भविष्य में चिकित्सा के क्षेत्र में भी इसी लगन और समर्पण के साथ आगे बढ़ेंगी। उनसे उम्मीद की जा रही है कि चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता हासिल करने के बाद वह समाज और देश की सेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी। जोहा मेराज की उपलब्धि ने यह साबित किया है कि प्रतिभा जब मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ती है तो सफलता का मुकाम हासिल किया जा सकता है। बाराबंकी की इस बेटी की उपलब्धि जिले के लिए निश्चित रूप से गर्व का विषय है।

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