बाराबंकी। श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू) का दीक्षांत समारोह बुधवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में कुल 7,519 मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध उपाधियां प्रदान की जाएंगी। यह जानकारी एसआएमयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने दी। उन्होंने आगे बताया कि समारोह में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय अनुसंधान प्रोफेसर तथा डेक्कन कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), पुणे के कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) भूषण पटवर्धन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के पूर्व महानिदेशक तथा आयरलैंड एवं मालदीव के पूर्व भारतीय राजदूत तथा टोरंटो के पूर्व महावाणिज्यदूत अखिलेश मिश्रा उपस्थित रहेंगे। दीक्षांत समारोह में 405 विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 232 स्वर्ण पदक एवं 165 रजत पदक शामिल हैं। समारोह का प्रमुख आकर्षण कुलाधिपति पदक एवं प्रति-कुलाधिपति पदक होगा। चार शैक्षणिक सत्रों के लिए कुल 8 सर्वाेच्च पदक प्रदान किए जाएंगे।read more :https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति इं. पंकज अग्रवाल के अनुसार यह समारोह शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव होगा, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी और उनके अभिभावक शामिल होंगे। दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी है। दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन को विवि स्तर पर विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि यह विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत गौरव की बात है कि सभी कुलाधिपति एवं प्रति-कुलाधिपति पदक छात्राओं ने प्राप्त किए हैं, जो महिला शिक्षा, समान अवसर और सशक्तिकरण के प्रति विश्वविद्यालय की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दीक्षांत समारोह की तैयारियों की जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने बताया कि वर्ष 2012 में स्थापित श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय ने मात्र 14 वर्षों में उत्तर प्रदेश के प्रमुख निजी विश्वविद्यालयों में अपनी विशिष्ट पहचान बना ली है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के 11 संस्थानों में 12,000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि सक्षम, नैतिक, नवाचारी एवं जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है, जो समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।