बिना आवेदन, बिना सहमति… बढ़ा दिया बिजली का लोड! आजमगढ़ में नया बिजली खेल उजागर

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आजमगढ़।एक तरफ बिजली विभाग बिना उपभोक्ताओं की सहमति के मोबाइल पर एसएमएस भेजकर बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाने की कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले के कई गांवों में 11000 वोल्ट की जर्जर और लटकती हाईटेंशन लाइनें लोगों की जान के लिए खतरा बनी हुई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विभाग की प्राथमिकता आखिर क्या है, उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डालना या उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना?जिले के अनेक उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्होंने न तो लोड बढ़ाने के लिए आवेदन किया और न ही कोई लिखित सहमति दी। बावजूद इसके उनके मोबाइल पर एसएमएस भेजकर बिजली का भार बढ़ा दिया गया। कई लोगों का कहना है कि पहले स्मार्ट मीटर लगाया गया, फिर बिजली बिल बढ़े और अब बिना जानकारी लोड बढ़ाकर नया आर्थिक बोझ डाल दिया गया।दूसरी ओर मोहम्मदपुर विद्युत उपकेंद्र सहित जिले के कई क्षेत्रों में 11000 वोल्ट की लाइनें महीनों से झुकी हुई हैं। कई स्थानों पर तार आबादी और खेतों के ऊपर खतरनाक तरीके से लटक रहे हैं। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है। स्थानीय लोग लगातार फोटो, वीडियो और शिकायतों के माध्यम से विभाग को आगाह करते रहे हैं, लेकिन उनका आरोप है कि अधिकांश मामलों में केवल ऑनलाइन जवाब मिलता है कि “शिकायत संबंधित अधिकारी को भेज दी गई है”।ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग के पास लोड बढ़ाने और एसएमएस भेजने का समय है, तो क्या जर्जर पोल बदलने, लटकते 11000 वोल्ट के तारों को ठीक करने और खतरनाक बिजली लाइनों को सुरक्षित बनाने का समय नहीं है?read more:https://khabarentertainment.in/excise-department-raids-dhabas/हाल के महीनों में जिले में करंट लगने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। कहीं हैंडपंप में उतरे करंट ने जान ली, कहीं टूटे तार से हादसा हुआ और कहीं 33000 वोल्ट की लाइन की चपेट में आने से एक युवती की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद भी यदि जर्जर बिजली ढांचे को प्राथमिकता नहीं दी जाती, तो लोगों की चिंता स्वाभाविक है।क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि पूरे जिले में 11000 वोल्ट और एलटी लाइनों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। सभी झुके हुए पोल, लटकते तार और जर्जर विद्युत ढांचे को तत्काल बदला जाए। साथ ही बिना सहमति बढ़ाए गए बिजली लोड की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।लोगों का कहना है कि जनता को एसएमएस नहीं, सुरक्षित बिजली चाहिए। क्योंकि बढ़ा हुआ लोड आर्थिक बोझ बन सकता है, लेकिन जर्जर 11000 वोल्ट की लाइनें किसी भी समय किसी परिवार की जिंदगी छीन सकती हैं। अब सवाल केवल बिजली बिल का नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और विभागीय जवाबदेही का है। आखिर इन लटकते तारों और लगातार हो रहे हादसों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

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