आजमगढ़। जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस को शनिवार देर रात बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने महाराष्ट्र के एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क, जनपद में आने के उद्देश्य और संभावित साथियों की तलाश में जुट गई है। शुरुआती जांच में आरोपी के विरुद्ध महाराष्ट्र में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों की धरपकड़ के लिए जनपदभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली पुलिस लगातार रात्रि गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच कर रही थी।पुलिस के अनुसार 12 जुलाई की रात उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति, चौकी प्रभारी बलरामपुर, अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति हाफिजपुर चौराहे से बद्दोपुर जाने वाले मार्ग पर अवैध असलहे के साथ मौजूद है और किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और चारों ओर से घेराबंदी कर दी।करीब 11:20 बजे पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक देशी तमंचा .315 बोर और एक जिंदा कारतूस .315 बोर बरामद हुआ। बरामदगी के बाद उसे मौके पर ही हिरासत में लेकर थाने लाया गया।पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान अबू तालिब शेख पुत्र अफाक अहमद शेख, निवासी संजय गांधी नगर, थाना सर जे.जे. मार्ग, जिला बृहन्मुंबई, महाराष्ट्र, उम्र लगभग 35 वर्ष के रूप में बताई। पुलिस सत्यापन में सामने आया कि आरोपी महाराष्ट्र का हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध वहां पहले से मारपीट, धमकी तथा अन्य गंभीर मामलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।read more:https://khabarentertainment.in/meritorious-students-honored-at-klgm-inter-college-incentive-amount-of-%e2%82%b961000-distributed/बरामदगी के आधार पर थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या 374/2026 के तहत धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह आजमगढ़ किस उद्देश्य से आया था, उसके संपर्क में कौन लोग थे और क्या वह किसी बड़ी आपराधिक वारदात की तैयारी में था।पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। साथ ही उसके जनपद में ठहरने के स्थान, स्थानीय संपर्कों और संभावित आपराधिक गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में किसी स्थानीय व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति, उपनिरीक्षक उदयशंकर तिवारी तथा कोतवाली पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।आजमगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और अवैध हथियार रखने वालों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी बाहरी या स्थानीय अपराधी को कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर जनपद में शांति और सुरक्षा बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।