33000 वोल्ट की लाइन बनी काल 24 वर्षीय युवती की दर्दनाक मौत, हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

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बुढ़नपुर/आजमगढ़।बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के डड़चा गांव में शुक्रवार को हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। 33000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 24 वर्षीय पूनम वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक के साथ साथ लोगों में भारी आक्रोश भी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाईटेंशन लाइन की नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो शायद एक और परिवार उजड़ने से बच जाता।जानकारी के अनुसार डड़चा गांव निवासी रामकेश वर्मा की 24 वर्षीय पुत्री पूनम वर्मा शुक्रवार दोपहर गांव के उत्तर दिशा स्थित बगीचे में लगभग 15 फुट लंबी लघ्घी से आम तोड़ रही थीं। इसी दौरान बगीचे के ऊपर से गुजर रही 33000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से लघ्घी का संपर्क हो गया। तेज करंट लगते ही पूनम बुरी तरह झुलस गईं और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में चीख पुकार मच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।मृतका पूनम वर्मा बीए तक की पढ़ाई पूरी कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं। वह परिवार की छह संतानों में दूसरे नंबर पर थीं। उनकी एक बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य बहनें अभी अविवाहित हैं। बेटी की असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।घटना के बाद ग्रामीणों ने हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर 33000 वोल्ट और 11000 वोल्ट की लाइनें पेड़ों के बेहद करीब या उनके ऊपर से गुजर रही हैं। बरसों से इन पेड़ों की छंटाई, लाइन की ऊंचाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की जाती रही है, लेकिन समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।ग्रामीणों का कहना है कि यदि पेड़ों की नियमित छंटाई कराई जाती और विद्युत लाइनों के आसपास सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। लोगों ने यह भी मांग की कि पूरे क्षेत्र में हाईटेंशन लाइनों का तत्काल सुरक्षा निरीक्षण कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।read  more:https://khabarentertainment.in/call-to-embrace-dr-syama-prasad-mookerjees-ideas-bjp-organizes-an-ideological-seminar/स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में जर्जर बिजली लाइनों, टूटे तारों और असुरक्षित हाईटेंशन लाइनों के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद कई स्थानों पर सुरक्षा संबंधी कमियां बनी हुई हैं। उनका कहना है कि हर हादसे के बाद जांच और मुआवजे की बात होती है, लेकिन स्थायी सुधार की गति अपेक्षित नहीं दिखती।ग्रामीणों ने मांग की है कि इस हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यह भी देखा जाए कि संबंधित लाइन का अंतिम सुरक्षा निरीक्षण कब हुआ था, क्या पेड़ों की छंटाई समय पर कराई गई थी और क्या सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।लोगों ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से अपील की है कि प्रदेशभर में 33000 वोल्ट और 11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइनों का विशेष सुरक्षा अभियान चलाया जाए। पेड़ों से सटी लाइनों, झुके हुए पोलों और जर्जर तारों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित बनाया जाए।एक परिवार ने अपनी बेटी खो दी। अब सवाल केवल इस एक हादसे का नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का है कि भविष्य में किसी और घर का चिराग ऐसी दुर्घटना का शिकार न बने।

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