कैसरगंज (बहराइच)lकैसरगंज की सड़कों पर रोज़ाना यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले आम लोगों के चालान काटे जाते हैं। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों पर पुलिस सख्ती दिखाती है और नियमों का पालन करने की नसीहत देती है। लेकिन जब कानून का पालन कराने वाले ही नियमों को ताक पर रखते दिखाई दें, तो सवाल उठना लाज़िमी हो जाता है।
तस्वीरों में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मी कैसरगंज कोतवाली में तैनात बताए जा रहे हैं, जो कथित तौर पर बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते कैमरे में कैद हुए हैं। यदि ये तस्वीरें सही हैं, तो यह सिर्फ एक यातायात नियम का उल्लंघन नहीं, बल्कि कानून के प्रति जनता के भरोसे से भी जुड़ा गंभीर मामला है।read more:https://khabarentertainment.in/major-action-by-the-food-safety-department-sauce-factory-raided-550-kg-of-stock-destroyed/*क्या कानून सबके लिए बराबर या सिर्फ आम जनता के लिए?* आम नागरिकों से बार-बार कहा जाता है कि “कानून सबके लिए बराबर है।” ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यही नियम वर्दीधारियों पर भी समान रूप से लागू होंगे, या फिर कानून सिर्फ आम जनता तक ही सीमित रह जाएगा। रोज़ाना हजारों रुपये के चालान काटने वाली कैसरगंज पुलिस से अब जनता जवाब मांग रही है। कप्तान से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि यदि कोई आम नागरिक बिना हेलमेट मिलता है तो उसका चालान तुरंत होता है, तो फिर नियम तोड़ने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा? क्या इन तस्वीरों का संज्ञान लेकर निष्पक्ष कार्रवाई होगी, ताकि जनता का कानून पर विश्वास और मजबूत हो सके—यह अब देखने वाली बात होगी।