साहित्यकार प्रदीप की सारंग-हुंडलियाँ और काव्य मंजरी का हुआ लोकार्पण

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बाराबंकी। कमला नारायण ट्रस्ट द्वारा लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर स्थित लोटस ग्रीन्स बैंक्वेट हाल में आयोजित काव्य कार्यशाला में साझा काव्य संग्रह काव्य मंजरी तथा प्रदीप सारंग रचित सारंग-हुंडलियाँ का लोकार्पण मुख्य अतिथि डॉ राम बहादुर मिश्र द्वारा तथा पं राम किशोर तिवारी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।  मुख्य अतिथि डॉ राम बहादुर मिश्रा ने कहा कि पूर्वज साहित्य्कार अयोध्या प्रसाद दीक्षित शिष्य की तरह प्रदीप सारंग के प्रयोग साहित्य व साहित्यिक विरासत को समृध्द कर रहे हैं। डॉ मिश्र ने काव्य सृजन को सामाजिक परिमार्जन का माध्यम बताया। अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्य-मनीषी डॉ ब्रज किशोर पाण्डेय ने कहा कि कवि को नश्वर विषयों के बजाय वैदिक परम्परा को प्राथमिकता देनी चाहिए। काव्य कर्म स्वयं एक साधना है। विशिष्ट अतिथि डॉ श्याम सुंदर दीक्षित ने कहा कि पूर्वज अयोध्या प्रसाद दीक्षित शिष्य अध्यापक थे और एक तपस्वी की तरह जीवन यापन किया। अपने पिता दर्शन लाल शशि की रचना धर्मिता को आगे बढ़ाते हुए साहित्य को समृद्ध किया। काव्य-कार्यशाला आयोजन समिति के अध्यक्ष व कमला नारायण ट्रस्ट के सचिव प्रदीप सारंग ने अपनी लोकार्पित कृति सारंग-हुंडलियाँ पर चर्चा करते हुए कहा कि यह नवाचार है कि 30 दोहे तुलसी दास, 30 दोहे कबीरदास, 70 दोहे रहीमदास को आधार बनाकर दो दो रोला रचकर हुंडलियाँ रची हैं।read more:https://pahaltoday.com/in-which-direction-are-raghav-chadhas-political-steps-moving-he-seems-interested-in-forming-his-own-party/ काव्य कार्यशाला में संरक्षक डॉ अम्बरीष अम्बर, अजय प्रधान, राज कुमार सोनी, सुरेश बहादुर सिंह कौशिक व आदर्श गुलसिया की उपस्थिति में चार दर्जन रचनाकारों ने अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं। कवि नागेन्द्र सिंह ने अयोध्या प्रसाद दीक्षित शिष्य के कृतित्व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और प्रकाशन सचिव व कार्यकारी संपादक डॉ कुमार पुष्पेंद्र ने काव्य-मंजरी के संपादन प्रकाशन पर चर्चा की। इस अवसर पर पूर्वज साहित्य्कार अयोध्या प्रसाद दीक्षित शिष्य की पत्नी विमला देवी का विशेष सम्मान किया गया। आरम्भ में महासचिव प्रदीप महाजन ने स्वागत और अंत में कमला नारायण ट्रस्ट अध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा सहारा ने धन्यवाद आभार व्यक्त किया। कवयित्री सुधा सिंह के संचालन में सम्पन्न काव्य कार्यशाला में डॉ ऊषा चौधरी, डॉ रश्मि सिन्हा, किरण भारद्वाज, डॉ ओपी वर्मा ओम, सिम्पी मौर्या, कल्पना रस्तोगी, शिव कुमार व्यास, जागृति रावत, अजय अटल, रवि रुद्रांश, ध्यान सिंह चिंतन, राम किसुन यादव, राजीव रावत, मालती बच्चन आदि ने काव्यपाठ प्रस्तुत किया।

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