अफजलगढ । जीवों को सुरक्षित और संरक्षित रखने की आवश्यकता हैं । प्राकृतिक मित्र एवं शिवसेना जिलाध्यक्ष चौ.संजय राणा ने बताया कि विडंबना ही है कि आज रक्षक ही भक्षक बने हैं। वन्य क्षेत्र कालागढ से सटे ग्राम जामनवाला, लड्डूवाला एवं रसूलपुर आबाद में लकड़ी माफिया वन विभाग की मिलीभगत से बेझिझक लगातार पेड़ काटते चले जा रहे हैं जिससे वन्यजीवों का आश्रय समाप्त होता जा रहा है । जांच के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जाती है । जबकि जीवों और पर्यावरण का बहुत गहरा संबंध है । प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं है । वर्तमान में हर कोई व्यक्ति इस बात को जानकर भी अनजान बना हुआ और प्रकृति को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है । जब पेड़ संकट में पड़ जाता है, यानी जब उसे काटा जाता तो उन वन्य जीवों, पक्षियों, चिड़िया, गिलहरियों और तितलियों का क्या होता है, वह सब कहां जाते हैं ? आश्रय एवं भोजन की तालाश में वन्य जीव हाथी, तेंदुआ एवं वाघ आदि आबादी की ओर आकर जनजीवन को क्षति पहुंचते हैं। read more:https://pahaltoday.com/the-essence-of-prasad-is-to-receive-the-blessings-of-the-deity-to-whom-it-is-offered/वन विभाग की घोर लापरवाही के चलते आए दिन जंगली जानवरों से हिंसक घटनायें हो रही हैं । एक गरीब मजदूर मोहम्मद अकरम पुत्र मोहम्मद उमर निवासी ग्राम पुराना कालागढ़ को 30 जून की शाम को उनके घर के पास हाथी ने हमला कर दिया, जिसने मोहम्मद अकरम बुरी तरह से घायल हो गया काफी गंभीर चोटें आई हैं। सूचना देने पर वन विभाग के दरोगा सत्यवीर सिंह यादव काफी लेट पहुंचे और किसी प्रकार की कोई भी कार्रवाई नहीं की और वापस आ गए । जबकि घटना की जानकारी मिलते ही चौ.संजय राणा के नेतृत्व में शिव सैनिक सरदार कुलदीप सिंह, मनवीर सिंह यादव, महेन्द्र सिंह सिरोही, परशुराम जी, मेहराज खान पिंकू ,प्रेम सिंह, सोनू, आदि उनके घर पर पहुँचकर पीड़ित व उनके परिवार से घटना की जानकारी ली । उसके बाद तुरन्त मेडिकल कराने के लिए सीएचसी अफजलगढ़ ले गए जहां पर प्रभारी चिकित्सक ने पूरी जानकारी लेते हुए कागज़ तैयार कराकर बिजनौर के लिए रैफर कर दिया । चौ.संजय राणा आदि क्षेत्रीय लोगों ने वृक्षों के अवैध कटान को रोकने एवं पीड़ित को मुआवज़ा दिलाने की मांग की है ।