-भारत-मॉरीशस संबंधों को मिली नई मजबूती -रणनीतिक साझेदारी, ब्लू इकोनॉमी और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति-सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
विक्टोरिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया के माहे द्वीप में मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह बैठक सेशेल्स के ‘गोल्डन जुबली नेशनल डे’ समारोह के अवसर पर हुई। नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री रामगुलाम के पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी और उनके बीच यह चौथी मुलाकात रही, जिससे दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत होते संबंधों का संकेत मिलता है। read more:https://pahaltoday.com/khalsa-srcc-and-ramjas-college-win-in-pspb-baba-deep-singh-basketball/बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और मॉरीशस के बीच चल रहे द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की। विशेष रूप से भारत द्वारा मॉरीशस को प्रदान किए गए ‘विशेष आर्थिक पैकेज’ के क्रियान्वयन की स्थिति का भी आकलन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत मॉरीशस के विकास और प्रगति को विशेष महत्व देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच संचालित परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवाओं, संपर्क सुविधाओं, सतत विकास और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। भारत की सहायता से मॉरीशस में आधारभूत ढांचे और सामाजिक विकास से जुड़ी कई परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं।
विजन महासागर और नेबरहुड फर्स्ट पर सहमति बैठक में दोनों नेताओं ने भारत के ‘विजन महासागर’ और ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत भारत-मॉरीशस के बीच बढ़ी हुई रणनीतिक साझेदारी की अहमियत पर भी सहमति जताई। दोनों देशों ने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के हितों की रक्षा और उनके विकास के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सामरिक चुनौतियों के बीच दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सहयोग को और मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और आपसी विकास के क्षेत्रों में साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की इच्छा व्यक्त की।प्रधानमंत्री मोदी की मॉरीशस यात्रा को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और मॉरीशस के बीच गहरे सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आर्थिक संबंध दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत बना रहे हैं। यह मुलाकात हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय कूटनीति और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की नीति को भी मजबूती प्रदान करती है।