दिल्ली ।अखिल भारतीय साहित्य परिषद् न्यास और हिंदी अकादमी, दिल्ली सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आज डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज, दिल्ली के सभागार में ‘हल्दीघाटी बाल काव्य पाठ/गायन प्रतियोगिता सह व्याख्यान’ का एक अत्यंत भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन संपन्न हुआ जिसकी अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सदा नंद प्रसाद ने की और मुख्य अतिथि के रूप में घोंडा विधानसभा के विधायक श्री अजय महावर ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए माखनलाल चतुर्वेदी जी की प्रसिद्ध कविता ‘पुष्प की अभिलाषा’—”चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ…”—के ओजस्वी पाठ के माध्यम से उपस्थित जनसमूह के हृदय में महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और हल्दीघाटी की गौरवशाली गाथा की स्मृतियों को पुनर्जीवित कर दियाread more:https://pahaltoday.com/a-unique-initiative-by-the-teachers-of-pm-shri-samvilian-vidyalaya-to-show-family-like-affection-towards-the-students/कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री श्रीनिवास शर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। इस साहित्यिक संगोष्ठी में प्रबुद्ध वक्ताओं, जिनमें वरिष्ठ साहित्यकार एवं इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के अध्यक्ष श्री विनोद बब्बर, प्रो. बिजेंद्र कुमार, प्रो. शशि रानी, श्री कुशिक कुमार और प्रो. ममता वालिया प्रमुख थे, ने महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा मातृभूमि की रक्षा हेतु मुट्ठी भर सैनिकों के साथ अकबर की विशाल सेना के सम्मुख अदम्य साहस दिखाने और धैर्य की निरंतरता को आज की युवा पीढ़ी के लिए अनिवार्य प्रेरणास्रोत बतायाविशेष रूप से, वरिष्ठ साहित्यकार श्री विनोद बब्बर ने महाराणा प्रताप जैसे महापुरुष के जीवन के संघर्ष, स्वाभिमान और धैर्य की चर्चा कर लोगों को उस ज्ञान से अवगत कराकर गौरवान्वित किया वहीं, निगम पार्षद श्री प्रमोद गुप्ता ने महाराणा प्रताप के जीवन के धैर्य के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि उनके धैर्य और साहस से सभी को कुछ सीखने की आवश्यकता है, तथा उनके जीवन से हमें यह सीख लेनी चाहिए कि कोई भी कार्य धैर्य के साथ करना चाहिए साथ ही, प्रो. बिजेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप से हमें संघर्ष, वीरता, ज्ञान, साहस, स्वाभिमान और सम्मान की सीख प्राप्त होती है, जिससे हम बहुत कुछ सीख सकते है देश के लिए बलिदान, साहस, स्वाभिमान, संघर्ष और वीरता जैसे गुण हमें ऐसे महापुरुषों से सीखने चाहिए।कार्यक्रम में निगम पार्षद श्री प्रमोद गुप्ता एवं श्री पुनीत शर्मा तथा निरंजना-फल्गु रिवर रिचार्ज मिशन के संयोजक श्री संजय कु. सज्जन का भी सम्मानित उपस्थिति के रूप में सानिध्य प्राप्त हुआ, जबकि कवि श्री सूर्य प्रकाश और न्यूज़ इंडिया 24*7 डिजिटल के श्री अभिरंजन कुमार ने अतिथि सह निर्णायक की भूमिका निभाते हुए कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र एवं हल्दीघाटी पर केंद्रित विशेष पुस्तक भेंट कर किया गया, जिसे ‘यमुना विहार साहित्य केंद्र’ एवं ‘इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती’ के निवेदन पर आयोजित किया गया था इस आयोजन का मुख्य आकर्षण बाल काव्य पाठ एवं गायन प्रतियोगिता रही, जिसके परिणाम इस प्रकार रहे कक्षा-8 में अंश वत्स ,प्रथम , खुशी द्वितीय और अर्पिता का तृतीय, कक्षा-7 में आदर्शी ,प्रथम, हितांशी द्वितीय और गौरी, तृतीय तथा कक्षा-6 में प्रियदर्शिनी निधि ,प्रथम, ईशान द्वितीय और आया मलिक,तृतीय ने स्थान प्राप्त किया।
संपूर्ण कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली संचालन राकेश कुमार, प्रांत मंत्री, अखिल भारतीय साहित्य परिषद् न्यास, कार्यक्रम संयोजक प्रेम कुमार और सह-संयोजक योगेश शर्मा के कुशल मार्गदर्शन और अथक प्रयासों से संपन्न हुआ, जिसने उपस्थित सभी प्रतिभागियों एवं श्रोताओं को राष्ट्रभक्ति एवं वीरता के भाव से ओत-प्रोत कर दिया।