किसान की बेटी गरिमा चौधरी बनी सीसीएसयू में एमडी मेडिसिन की टॉपर

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बागपत। कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर एक साधारण किसान परिवार की बेटी ने ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिससे पूरे क्षेत्र का नाम रोशन हो गया है। बड़ौत क्षेत्र के बावली गांव की निवासी गरिमा चौधरी ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की एमडी मेडिसिन परीक्षा में 71 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में प्रथम स्थान हासिल किया है।read more:https://pahaltoday.com/man-dies-in-road-accident-in-barhalganj/विश्वविद्यालय द्वारा एमडी मेडिसिन बैच 2025 के जारी परिणामों में गरिमा चौधरी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 71 फीसदी अंकों (800 में से 568 अंक) के साथ संयुक्त रूप से टॉप रैंक प्राप्त की। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। बधाई देने वालों का उनके घर पर तांता लगा हुआ है। गरिमा चौधरी बावली गांव की पट्टी राणा की निवासी हैं। उनके पिता नागेंद्र राणा एक साधारण किसान हैं और खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। माता-पिता के सहयोग और गरिमा की अथक मेहनत ने आज उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। गरिमा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता (नागेंद्र सिंह व हर्षलता), गुरुजनों और परिवार के सदस्यों को दिया है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। उनका सपना एक कुशल चिकित्सक बनकर समाज के गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है।गरिमा की इस उपलब्धि पर गांव के गणमान्य लोगों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि गरिमा ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। यदि अवसर और प्रोत्साहन मिले तो गांव की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

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