गाजियाबाद। बागपत लोकसभा क्षेत्र से सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर जिला सहकारी बैंकों द्वारा वितरित कृषि ऋण पर पूर्व में लागू ब्याज अनुदान व्यवस्था को दोबारा लागू किए जाने की मांग की है।read more:https://pahaltoday.com/dependents-of-deceased-contract-labourer-in-mining-area-received-cheque-of-rs-11-48-lakh/सांसद ने अपने पत्र में कहा कि प्रदेश के किसानों को जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से अल्पकालिक कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है। पहले ऐसी व्यवस्था थी कि समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों से केवल 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लिया जाता था, जबकि शेष ब्याज राशि राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान के रूप में वहन की जाती थी। इससे किसानों को कम ब्याज दर पर आसानी से कृषि ऋण मिल पाता था। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों से जिला सहकारी बैंक किसानों से पहले पूरा 7 प्रतिशत ब्याज वसूल रहे हैं और बाद में ब्याज अनुदान की राशि किसानों के खातों में समायोजित किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है। लेकिन यह राशि किसानों को समय पर नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. सांगवान ने कहा कि इस व्यवस्था के कारण किसानों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ रहा है और उनकी कृषि गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए पुरानी व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए, ताकि किसानों से सीधे केवल 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज ही लिया जाए और बाकी ब्याज राशि सरकार द्वारा वहन की जाए। सांसद ने विश्वास जताया कि सरकार की इस पहल से प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।