भारत को दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बनने से कोई नहीं रोक सकता

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अहिल्यानगर। महाराष्ट्र के शिर्डी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को एनआईबीई ग्रुप की रक्षा उत्पादन इकाई का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जो भारत कभी हथियारों का आयातक था, उसे अगले 25- 0 सालों में दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बनने से अब कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि सरकार रक्षा उत्पादन में निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 50फीसदी तक बढ़ाना चाहती है। राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ पूरी फैक्ट्री का निरीक्षण किया और भारत के पहले 300 किलोमीटर रेंज वाले यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’ को हरी झंडी दिखाई। बाद में दोनों नेताओं ने शिर्डी साईं बाबा मंदिर में दर्शन किए। कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भी मौजूद थे। रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि है और उनकी प्रेरणा से भारत महाराष्ट्र में आत्मनिर्भरता का मजबूत किला खड़ा कर रहा है। उन्होंने एनआईबीई ग्रुप के सीएमडी गणेश निबे की तारीफ करते हुए कहा कि इस परियोजना ने यह साबित किया है कि भारत में प्रतिभा और नवाचार की कोई कमी नहीं है।read more:https://pahaltoday.com/dependents-of-deceased-contract-labourer-in-mining-area-received-cheque-of-rs-11-48-lakh/ राजनाथ सिंह ने कहा कि जो देश अपने हथियार खुद बनाता है, वह अपना भाग्य और इतिहास भी खुद लिखता है। उन्होंने कहा कि जब सरकार की दूरदृष्टि और निजी क्षेत्र का नवाचार साथ आते हैं, तब देश नई ऊंचाइयों तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां अब सिर्फ छोटे-छोटे पुर्जे नहीं बना रहीं, बल्कि आधुनिक हथियार और रक्षा सिस्टम भी तैयार कर रही हैं। राजनाथ सिंह ने बताया कि 5,000 से ज्यादा वस्तुओं की सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची तैयार की गई है, जिन्हें भारतीय सशस्त्र बलों के लिए देश में ही खरीदना अनिवार्य किया गया है। निबे के मुताबिक शिर्डी की यह यूनिट 200 एकड़ क्षेत्र में विकसित है। इससे करीब 2,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है और एमएसएमई क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। यहां तैयार रक्षा उपकरणों का निर्यात दूसरे देशों में किया जाएगा। अहिल्यानगर जिले में स्थित यह इकाई आर्टिलरी बम शेल का निर्माण करेगी और एयरोस्पेस क्षेत्र को भी सहयोग देगी। इस परिसर में उन्नत आर्टिलरी सिस्टम, मिसाइल और अंतरिक्ष तकनीक, रॉकेट सिस्टम, एनर्जेटिक मटेरियल तथा स्वायत्त रक्षा प्लेटफॉर्म विकसित करने की योजना है।

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