भदोही। सुरियावां क्षेत्र के प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान मदरसा इस्लामिया गुलशन-ए-मदीना में बुधवार देर शाम जश्ने दस्तार-ए-हिफ्ज का भव्य आयोजन किया गया, जो देर रात तक चलता रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उलेमा-ए-एकराम, समाजसेवी एवं क्षेत्रीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान हसनैन कुंदीपुर सुरियावां, मो.जाबिर गोपीगंज, मो.सेराज बनारस एवं मो.शाहिद बनारस ने पूरे कुरान शरीफ को कंठस्थ कर हिफ़्ज़ की तालीम पूरी की। परंपरा के अनुसार जब कोई छात्र पूरे कुरान शरीफ को याद कर लेता है तो उसके सम्मान में दस्तारबंदी का आयोजन किया जाता है। दस्तारबंदी से पूर्व नातख्वां शाहिद रजा एवं एहसान शाकिर आदि ने अपनी खूबसूरत नातों से समा बांध दिया। वहीं उलेमा-ए-एकराम मौलाना नफीस, मौलाना फैसल हुसैन अशरफी सहित अन्य विद्वानों ने अपने तकरीरों में इस्लाम के बताए हुए रास्ते पर चलने, शिक्षा हासिल करने और इंसानियत की सेवा करने का संदेश दिया।read more:https://pahaltoday.com/serving-the-common-people-is-the-true-religion-viraj-sagar-das/कहा आपने बच्चों को इल्म के सांचे में ढालो तरक्की कदम चूमेगी। मौलाना मुफ्ती बदरे आलम मिस्बाही के मुबारक हाथों से सभी चारों बच्चों की दस्तारबंदी की गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने बच्चों और उनके अभिभावकों को मुबारकबाद पेश की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की दुआ की। मदरसे के प्रबंधक मोहर्रम अली, सदर रऊफ हाशमी, मैनेजर इजराइल अंसारी, गुलाम रसूल, हाफिज महताब अंसारी, मौलाना रिजवान अहमद, हाफिज सैफ राजा कादरी, हाफिज फारूक अनवर, हाफिज मोहम्मद नईम, हाफिज मोहम्मद शफीक एवं परवेज अंसारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मौके पर सपा के प्रदेश सचिव मो.आरिफ सिद्दीकी, निर्यातक हाजी गुलाम रसूल, हाजी अब्दुल मजीद, शादाब अहमद, परवेज अहमद, एजाज अख्तर, शहनवाज आलम, आरजू आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।