गाजीपुर। जनपद में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आसमान से बरस रही आग और चल रही तपती लू ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। सुबह होते ही सूरज के तेवर इतने तल्ख हो जा रहे हैं कि दोपहर तक सड़कें सुनसान नजर आने लगती हैं।read more:https://pahaltoday.com/christians-and-muslims-together-are-converting-two-lakh-hindus-every-month-gopal-rai/गर्मी का आलम यह है कि दिनभर चल रही गर्म हवाओं से लोग झुलसने को मजबूर हैं। बाजारों और चौराहों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग सिर पर गमछा और हाथ में पानी की बोतल लेकर निकल रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की हालत सबसे ज्यादा खराब हो रही है। घरों में पंखे और कूलर भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी गंभीर बने हुए हैं। तेज धूप और उमस के कारण लोगों का दिनभर घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खेतों में काम करने वाले किसान भी दोपहर के समय काम छोड़ने को मजबूर हैं। गर्मी के चलते पशु-पक्षी भी बेहाल नजर आ रहे हैं और तालाबों व जलस्रोतों का जलस्तर लगातार घटता जा रहा है। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने, अधिक मात्रा में पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाव बेहद जरूरी है, अन्यथा हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।भीषण गर्मी से परेशान लोगों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल और राहत की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि लोगों को इस भीषण तपिश से कुछ राहत मिल सके।