सहारनपुर। उद्योग एवं शिक्षा जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज (सीआईएस) और मां शाकुंभरी यूनिवर्सिटी के मध्य उद्योग आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक शिक्षण, स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल को जनपद के औद्योगिक एवं शैक्षणिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।read more:https://pahaltoday.com/many-people-including-the-bjp-state-president-were-present-at-the-bhandara-of-ultimate-multi-solutions/
कार्यक्रम का आयोजन सहारनपुर में किया गया, जहां दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों, शिक्षाविदों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज के अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी ने कहा कि यह केवल औपचारिक समझौता नहीं बल्कि शिक्षा और उद्योग जगत के समन्वय की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के पास नई तकनीक, आधुनिक सोच और ऊर्जा है, जबकि उद्योग जगत के पास वर्षों का व्यावहारिक अनुभव और चुनौतियों से निपटने की क्षमता है। यदि इन दोनों का समन्वय सही तरीके से हो तो सहारनपुर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के औद्योगिक विकास में नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं। रविंद्र मिगलानी ने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों से जोड़ने, उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में यूनिवर्सिटी और सीआईएस मिलकर कई नए कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं पर कार्य करेंगे, जिससे युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। संस्था के संरक्षक अमर गुप्ता और महासचिव अमित चौधरी ने भी इस समझौते को शिक्षा एवं उद्योग जगत के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को कौशल विकास और उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा। मां शाकुंभरी यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर विमला वाई ने चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह एमओयू विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। इससे विद्यार्थियों को उद्योग जगत की व्यावहारिक जानकारी, नई तकनीकों का अनुभव और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव भी मिलना जरूरी है। यह समझौता उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सहयोग से जनपद के औद्योगिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में संरक्षक अमर गुप्ता, चेयरमैन एच.एस. चड्ढा, अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश माहेश्वरी, महासचिव अमित चौधरी, अपर महासचिव विजय वशिष्ठ, कोषाध्यक्ष नीरज मिड्ढा, चीफ कोऑर्डिनेटर संजय गुप्ता, उपाध्यक्ष तेजेंद्र तनेजा, सचिव सुमित पोपली और विक्रांत पुंडीर सहित कई पदाधिकारी एवं गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।