महराजगंजतराई (बलरामपुर ) क्षेत्र में हर साल पहाड़ी नालों की बाढ़ से लगभग दस गांव प्रभावित होते हैं लेकिन जिम्मेदार समय रहते हैं इसका उपाय करना मुनासिब नहीं समझते। जबकि क्षेत्रवासी हर वर्ष जर्जर तटबंध मरम्मत करने की मांग करते हैं। बावजूद उसके विभाग के अधिकारी इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। जिससे क्षेत्र वासियों को हर वर्ष बाढ़ का दंश झेलना पड़ रहा है। बाढ़ खंड के कार्य क्षेत्र में पडने वाले पहाड़ी नाला खरझार के तट पर बना तटबंध जर्जर है। तटबंध की मरम्मत कराने में जिम्मेदार अधिकारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं । ऐसे में मानसून सत्र शुरू होने पर बीस गांव की लगभग दस हजार आबादी को बाढ़ का कहर झेलना पड़ेगा।पहाड़ी नाला हेंगहा, धोबैनिया व खरझार नाला तराई क्षेत्र से होकर राप्ती नदी में समाहित होते हैं। पहाड़ी नालों की बाढ़ का पानी क्षेत्र के साहेबनगर, रामगढ़मैटहवा शांतिनगर,विजयीडीह,लोहेपानिया, महादेव गोसाई, लहेरी, दांदव, रुपनगर, जगरामपुरवा, सुगानगर, बनकटवा समेत बीस गाँव के लोग हर साल प्रभावित होते हैं। ग्रामीणों की माने तो खरझार नाले के पश्चिमी तट पर बना तटबंध पुल के समीप पूरी तरह से जर्जर है। समय रहते ही अगर जर्जर तटबंध का मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो बरसात के समय में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। read more:https://pahaltoday.com/indian-red-cross-societys-blood-donation-on-world-red-cross-day/*खरझार नाले के पूरब तरफ बना तटबंध जर्जर दो वर्षों से नहीं हुआ मरम्मत का कार्य*
स्थानीय निवासी ग्राम प्रधान तुलाराम यादव, ग्राम प्रधान जीने, धनीराम वर्मा रामकुमार महेंद्र तिवारी,कैलाश यादव, राजेंद्र वर्मा, आदि लोगों ने बताया कि नाले के पूरब तरफ तटबंध का निर्माण वर्ष 2005 में हुआ था। पिछले कई वर्षों से तटबंध जर्जर है लगातार क्षेत्रवासी मांग करते आ रहे हैं कि समय रहते ही जर्जर तटबंध का मरम्मत कार्य कराया जाए। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन धारण किए हुए हैं। क्षेत्रवासियों ने जर्जर तटबंध की मरम्मत कराये जाने की मांग जिलाधिकारी से की है। उपजिलाधिकारी तुलसीपुर राकेश कुमार जयंत ने बताया कि बाढ़ खंड विभाग को निर्देशित कर जल्द ही जर्जर तटबंध के मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।