संरक्षण पर सियासत तेज: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार से ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की उठाई मांग

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वाराणसी। में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौमाता की सुरक्षा और सम्मान को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश की अर्थव्यवस्था अब गौमांस के व्यापार पर निर्भर हो गई है।
उन्होंने कहा कि यदि भारत में गौ संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों के समान प्रयास पाकिस्तान में भी होते, तो वहां भी गौमाता की रक्षा संभव हो सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं को हिंदूवादी बताने वाली सरकारें इस मुद्दे पर गंभीर नहीं दिख रही हैं।read more:https://pahaltoday.com/senior-citizen-cell-meeting-held-at-muradnagar-police-station/शंकराचार्य ने सरकार से मांग की कि गौमाता को राष्ट्रमाता और राज्य माता घोषित करने के लिए तत्काल कानून बनाया जाए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में बहुमत की राय सर्वोपरि होती है और देश का बहुसंख्यक समाज लंबे समय से गौ संरक्षण की मांग कर रहा है, इसके बावजूद सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के 78 वर्षों बाद भी सनातन समाज की भावनाओं की उपेक्षा हो रही है। साथ ही आरोप लगाया कि सरकारें हिंदुओं के वोट लेकर उनके साथ छल कर रही हैं। उन्होंने “सनातनी राजनीति” की शुरुआत का आह्वान करते हुए समाज से स्वयं आगे आने की अपील की।
इस दौरान उन्होंने अपनी प्रस्तावित ‘गविष्ठी यात्रा’ की जानकारी भी दी। यह यात्रा काशी से शुरू होकर 3 मई से गोरखपुर से औपचारिक रूप से प्रारंभ होगी और प्रदेश की 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी। यात्रा के माध्यम से वे सनातनी समाज के बीच संवाद कर गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाएंगे।पत्रकार वार्ता में वैदिक गुरुकुलम के छात्र-छात्राओं के अलावा साध्वी पूर्णांबा, साध्वी शारदांबा, किशोर देव शास्त्री, संजय पाण्डेय, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, महंत राजेंद्र तिवारी, शैलेन्द्र योगी, परमेश्वरदत्त शुक्ला, सक्षम सिंह योगी, कीर्ति नारायण शुक्ला, सतीश अग्रहरि और रमाशंकर दीक्षित सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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