लखनऊ। इंटरनेशनल वैश्य फेडरेशन (आईवीएफ) द्वारा शुक्रवार ऊउत्तर प्रदेश में व्यापक सदस्यता अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 25 लाख वैश्य परिवारों को संगठन की निःशुल्क प्राथमिक सदस्यता से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ये जानकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं लखनऊ उत्तर के विधायक डा. नीरज बोरा ने प्रेस वार्ता में दी।read more:https://pahaltoday.com/a-grand-prabhat-pheri-took-place-on-the-occasion-of-triple-holy-buddha-purnima-gunja-buddha-sharanam-gachhami/डा. बोरा ने कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल का विशेष महत्व होता है और वैश्य समाज की व्यापक जनसंख्या को एक मंच पर संगठित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि ‘वैश्य मित्र’ सदस्यता के माध्यम से समाज को एक सशक्त पहचान और एकजुटता प्रदान की जाएगी जिससे सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी। डा. बोरा ने बताया कि यह सदस्यता अभियान पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित होगा। इच्छुक व्यक्ति निर्धारित लिंक के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे, जिसके उपरांत उन्हें संगठन की डिजिटल सदस्यता आईडी भी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता, सुगमता और व्यापक सहभागिता सुनिश्चित होगी। उन्होंने आगे कहा कि यह अभियान केवल सदस्यता तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं व्यवसाय में सहयोग, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना, जरूरतमंदों की सहायता तथा समाज के भीतर एक सुदृढ़ नेटवर्क तैयार करना भी प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों, नगरों एवं गांवों में कार्यकर्ताओं से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए अधिक से अधिक परिवारों को जोड़कर इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की अपील की। साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से वैश्य समाज की एकता और सुदृढ़ होगी तथा समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश महामंत्री डा. अजय गुप्ता, डॉ. अनिल गुप्ता, युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष अमित वार्ष्णेय, प्रदेश महामंत्री अनुराग साहू, महानगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, महिला इकाई महानगर अध्यक्ष रुपाली अग्रवाल, युवा इकाई महानगर अध्यक्ष प्रियंक गुप्ता, अल्पना गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहे रामप्रकाश गुप्ता की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि भी दी गई।