मजदूर दिवस सिर्फ एक छुट्टी नहीं बल्कि एक जागरूकता अभियान है: जजलाल राय 

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भदोही। कांग्रेस कमेटी भदोही के जिला महासचिव जजलाल राय ने कहा कि 1 मई को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है यह दिन लाखों मेहनतकश मजदूरों को समाज और अर्थव्यवस्था की न्यू मजबूत करते हैं।read more:https://pahaltoday.com/vijay-utsav-will-be-organised-at-suheldev-memorial-on-23rd-and-24th-may/आज के समय में हमें 8 घंटे काम छुट्टियां और श्रमिक अधिकार जैसे कई सुविधाएं मिलती हैं लेकिन यह अधिकार आसानी से नहीं मिली इसके पीछे लंबा संघर्ष आंदोलन और कई लोगों की कुर्बानियां छुपी है। मजदूर दिवस इस संघर्ष की याद दिलाता है और हमें श्रमिकों के अधिकारों के प्रति जागरूक करता है।  राय ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत उस समय मजदूरों से 12 और 16 घंटे तक काम कराया जाता था। 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में हजारों मजदूरों ने 8 घंटे काम की मांग को लेकर हड़ताल की यह आंदोलन हेमार्केट अफेयर के रूप में प्रसिद्ध हुआ जिसने पूरी दुनिया का ध्यान मजदूरों के अधिकारों की ओर खींचा। श्री राय ने कहा कि 1889 में सेकंड इंटरनेशनल नामक संगठन 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया इसके बाद धीरे-धीरे यह दिन कई देशों में मनाया जाने लगा और आज यह प्रतीक बन चुका है। कहा कि भारत में पहली बार मजदूर दिवस 1923 में चेन्नई में मनाया गया था इसे एम सिंगारवेलु चेट्टियार ने आयोजित किया था उस समय से भारत में भी श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों के जागरूकता के लिए मनाया जाता है यह दिन हमें याद दिलाता है कि श्रमिक समाज के रिढ होते हैं मजदूर दिवस के जरिए उनके अधिकारों बेहतर कामकाजी परिस्थितियों और उचित वेतन की जरूरत को उजागर किया जाता है। यह दिन सामाजिक न्याय और समानता का संदेश भी देता। श्री राय ने कहा कि आज भी कई जगह मजदूरों को उचित वेतन और सुविधा नहीं मिलती है ऐसे में मजदूर दिवस सिर्फ एक छुट्टी नहीं बल्कि एक जागरूकता अभियान है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम श्रमिकों के अधिकारों का सम्मान करें और उनके लिए बेहतर भविष्य की दिशा में काम करें।

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