भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के शुभ अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज (प्रातः) द्वारा एक दिवसीय साहित्यिक प्रदर्शनी एवं ‘अंबेडकर को पढ़ें, भारत को समझें’ विषय पर संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ गरिमामय वातावरण में हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दरविंदर कुमार ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के ए.ओ.आर. डॉ. एस.एस. हूडा तथा आई.आर.एस. अधिकारी श्री राम आधार उपस्थित रहें। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथियों ने डॉ. अंबेडकर के विचारों की समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनके साहित्य और दर्शन को आत्मसात करने का आह्वान किया। प्राचार्य प्रो. दरविंदर कुमार ने शिक्षा के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ का आह्वाहन किया। मुख्य वक्ता श्री राम आधार ने संविधान की प्रस्तावना का हवाला देते हुए एकता और समता की अवधारणा पर बल दिया। डॉ. एस.एस. हूडा ने जाति रहित समाज की आवश्यकता पर विचार किया। प्रो. मनोज कुमार कैन ने डॉ. अंबेडकर के सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित विचारों की विस्तृत व्याख्या की।read more:https://pahaltoday.com/district-election-officer-along-with-political-parties-visited-evmvvpat-warehouse/कार्यक्रम के संयोजक डॉ. रामवीर ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसकी उपयोगिता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुभूति मिश्रा एवं डॉ. रेशमा तबस्सुम द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. राकेश कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, विद्यार्थियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन डॉ. अंबेडकर के विचारों को समझने और समाज में उनके संदेश को प्रसारित करने की दिशा में अत्यंत महत्त्वपूर्ण रहा।