गाजीपुर जमानियां। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों से सैकड़ों श्रद्धालु रविवार सुबह कस्बा बाजार स्थित पक्का बलुआ घाट पहुंचे और गंगा नदी में डुबकी लगाकर पर्व को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने स्नान-दान कर पुण्य अर्जित किया।read more:https://pahaltoday.com/firing-on-indian-ship-in-strait-of-hormuz-due-to-internal-tension-in-iran/
इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्राह्मण पुजारी उद्धव पांडेय के अनुसार, इस दिन लगभग 100 वर्षों बाद दुर्लभ ‘महा-संयोग’ बन रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया पर किए गए दान, निवेश और पवित्र स्नान का पुण्य अक्षय (कभी समाप्त न होने वाला) होता है। पुजारी ने जानकारी दी कि इस बार आयुष्मान सौभाग्य, गजकेसरी, त्रिपुष्कर, रवि और सर्वार्थ सिद्धि जैसे कई शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। इन संयोगों के प्रभाव से नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं, वहीं व्यापारियों के लिए भी यह समय लाभकारी रहने की संभावना है। धन-धान्य में वृद्धि, अटका हुआ धन वापस मिलने और अच्छे निवेश के योग भी बन रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि माता लक्ष्मी के पूजन के बाद विशेष बीजों को तिजोरी में रखने से घर में धन-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही इस दिन जल से भरा घड़ा, सत्तू या पंखा दान करने से पितरों की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
अक्षय तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे से प्रारंभ होकर 20 अप्रैल को सुबह 07:27 बजे तक रहेगी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की।