गाजीपुर स्थानीय जखनिया। महिला आरक्षण से जुड़ा बिल लोकसभा में विपक्ष द्वारा रोके जाने पर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने कांग्रेस, सपा, तृणमूल सहित विपक्षी दलों पर तिखी प्रतिक्रिया व्यक्त किया और कहा महिला आरक्षण बिल देश के नारी शक्ति सम्मान व बहन बेटियों के अधिकार को दिलाना हम सभी दलों का कर्तव्य बनता है, परंतु जिस प्रकार से विपक्ष के नेताओं ने किंतु, परंतु लगाकर महिला बिल को पारित होने से रोका है वह उनके महिला विरोधी विचार को साफ दर्शाता है। वर्मा ने कहा विपक्ष भ्रामक प्रचार कर रहा है, बिना परिसीमन के किसी भी सीट का निर्धारण कैसे हो सकता है, परिसीमन आजादी के बाद जो कानूनन आयोग बना है उसके आधार पर ही होना है, भाजपा के आधार पर नही। किसी भी देश में 5 से 7 लाख की आबादी पर एक सांसद होता है पर भारत में औसतन 25 लाख पर एक सांसद है, तो वह लोगों तक कैसे पहुंच सकता है, उस लोकसभा का विकास कैसे हो सकता है, इसलिए सीटे बढ़ाना अति आवश्यक है। विपक्ष द्वारा भारत के दक्षिणी राज्यों के सीटों के सवाल पर भी स्पष्ट जवाब गृह मंत्री ने दिया कि जितनी मात्रा में सीटे उत्तर में पश्चिम में पूर्व में बढ़ेगी उतनी ही मात्रा में सीटे दक्षिण में भी बढ़ेगी। जहां तक आरक्षण की बात थी तो सीटे पहले से ही एससी/एसटी आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं और जब सीटे बढ़ेंही तो उन पर भी एससी/एसटी आदिवासी सीटों का आरक्षण रहेगा, ओबीसी का लोकसभा में आरक्षण का प्रावधान नही है, फिर भी लगभग 26% सांसद ओबीसी से है। विपक्षी दल परिसीमन पर जो आरोप लगा रही है तो उसको याद रहना चाहिए की 2008 में कांग्रेस सरकार ने ही परिसीमन कराया था और 2014 में उसके परिसीमन पर ही भाजपा ने चुनाव जीता था। तो जनता का मत तय करता है कि कौन हारेगा कौन जीतेगा सरकार की परिसीमन से यह तय नहीं होता है। विपक्ष केवल मोदी के विरोध में देश की जनता के साथ विश्वासघात कर रहा है और मोदी के आड़ में देश के विकास में बाधक बन रहा है। आम व्यक्ति को भली भांति समझना पड़ेगा कि अब इस देश की नारी सशक्त और शक्तिशाली है और उनको उनका अधिकार मिलना चाहिए। विपक्ष द्वारा जो यह कृत किया गया है आने वाले समय में हमारे देश की माताएं, बहनें, बेटियां इसका जवाब जरूर विरोधी दलों को देंगी।