अपना सुधार ही सबसे बड़ी सेवा’, प्रज्ञा पुराण कथा में दिया संदेश

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अमेठी। प्रज्ञा पुराण कथा के तीसरे दिन आचार्य कैलाश नाथ तिवारी ने कहा कि अपना सुधार ही संसार की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने बताया कि गायत्री मंत्र सद्बुद्धि और सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है तथा देश की आजादी के समय यह जन-जन की आवाज बना।
उन्होंने कहा कि “हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” का संदेश आत्मपरिवर्तन की दिशा में प्रेरित करता है। सबरी और हनुमान जी के प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने श्रद्धा, धैर्य, सेवा और संयम का महत्व समझाया।read more:https://khabarentertainment.in/rural-talent-shines-in-mera-gaon-mera-innovation-children-showcase-their-skills/ इससे पूर्व प्रातःकाल 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ संपन्न हुआ। 19 अप्रैल को महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं सायं प्रज्ञा पुराण कथा की पूर्णाहुति के साथ भव्य दीपयज्ञ का आयोजन होगा। यह जानकारी जिला मीडिया प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र कुमार तिवारी ने दी।

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