श्रावस्ती। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 24 मार्च से शुरू हुआ 100 दिवसीय विशेष अभियान अब जिले में गति पकड़ चुका है। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, तंबाकू-शराब सेवन करने वालों, मधुमेह रोगियों और पूर्व टीबी मरीजों जैसे उच्च जोखिम समूहों की सघन जांच कर रही हैं। संभावित मरीजों की पहचान के लिए उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाकर एक्स-रे, बलगम जांच, हीमोग्लोबिन और बीएमआई मापन जैसी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क दी जा रही हैं। जांच में पाए गए धनात्मक रोगियों का इलाज किया जाएगा।read more:https://khabarentertainment.in/poetry-evening-organized-on-the-birth-anniversary-of-mathematician-aryabhata-and-baba-saheb-ambedkar/ इसी क्रम में सिरसिया ब्लॉक के बेलहरी गांव में आयोजित शिविर में भी जांच के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी।एआई तकनीक से लैस एक्स-रे मशीनें बनीं संजीवनी-अभियान में एआई तकनीक से लैस पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें संजीवनी साबित हो रही हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ के के वर्मा ने बताया कि हल्की और आसानी से ले जाई जा सकने वाली इन मशीनों से अब सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों को घर के पास ही एक्स-रे सुविधा मिल रही है। एआई आधारित तकनीक चंद सेकंड में सटीक रिपोर्ट उपलब्ध कराकर संभावित मरीजों की त्वरित पहचान में मदद कर रही है। इन मशीनों से अब तक लगाए गए 15 विशेष शिविरों में 1519 एक्स-रे किए जा चुके हैं।उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संतकुमार ने बताया कि अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर दो सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम में खून, लगातार बुखार और वजन कम होने जैसे लक्षणों के प्रति लोगों को सचेत कर रही हैं। जानकारी व सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800116666 भी जारी किया गया है।लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच-
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने आमजन से टीबी के खिलाफ इस अभियान में सहयोग करने की अपील की और कहा यदि परिवार में किसी को टीबी के लक्षण हैं तो तुरंत जांच कराएं और पुष्टि होने पर उपचार का पूरा कोर्स लें, ताकि इस रोग के प्रसार को रोका जा सके। टीबी की जांच और उपचार सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध हैं।