धामपुर। नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में भारतीय मजदूर संघ (BMS) का वार्षिक जिला सम्मेलन धूमधाम से आयोजित किया गया, जिसमें श्रमिकों की समस्याओं, वेतनमान और संगठन विस्तार को लेकर गंभीर मंथन हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार ने की, जबकि संचालन जिलामंत्री राजवीर सिंह द्वारा किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश चीनी मिल मजदूर संघ के महामंत्री विजेंद्र सिंह ने श्रमिक हितों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि भारतीय मजदूर संघ हमेशा देश, उद्योग और मजदूर के हित में कार्य करता आया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में श्रमिकों के लिए समान वेतनमान की अत्यंत आवश्यकता है, जबकि उत्तर प्रदेश में चीनी मिल श्रमिकों की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने वेतन पुनरीक्षण में हुई मात्र 1700 रुपये की बढ़ोतरी को महंगाई के मुकाबले बेहद अपर्याप्त बताया।read more:https://khabarentertainment.in/retired-teachers-were-given-a-warm-farewell-at-the-felicitation-ceremony-their-services-were-remembered/जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार ने कहा कि प्रदेश में चीनी मिल श्रमिकों का वेतन अभी भी 30 हजार रुपये से कम है, जिससे उनका जीवन यापन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि बैक सेक्टर में संगठन विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने हर माह दो नई यूनियनों के पंजीकरण का आह्वान किया।सम्मेलन में आशा एवं संगिनी बहनों की समस्याएं भी प्रमुखता से उठाई गईं। जिलाध्यक्ष बेबी रानी ने आशा कार्यकत्रियों के मानदेय को समय पर देने और उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। वहीं समूह सखी जिलाध्यक्ष मंजू देवी ने दो वर्षों से लंबित मानदेय को तत्काल जारी करने की मांग रखी।सम्मेलन में श्रमिकों पर बढ़ते उत्पीड़न पर भी चिंता व्यक्त की गई और सभी यूनियनों से 30 मई तक संबद्धता शुल्क जमा कराने का आग्रह किया गया।इस अवसर पर देवेन्द्र दत्त शर्मा (डाक विभाग), नरदेव सिंह (धामपुर डिस्टिलरी), जितेन्द्र सिंह चौहान (बुदकी मिल), राजेन्द्र पुष्पक, प्रेमलता सहित कई पदाधिकारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।सम्मेलन में श्रमिक एकता, अधिकारों की रक्षा और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।