गाजीपुर जखनियां। तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में लगी आग की घटनाओं से हड़कंप मच गया। हालांकि समय रहते फायर ब्रिगेड की सक्रियता से कई स्थानों पर बड़ी क्षति होने से बचा लिया गया, लेकिन कुछ जगहों पर किसानों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा।मीरपुर गांव में देर रात मदन सिंह की आवासीय मड़ई में अचानक आग लग गई, जिससे करीब 10 कुंतल गेहूं, टीवी, कूलर, मोपेड गाड़ी, बिस्तर और चौकी सहित लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गए। सूचना पर फायर ब्रिगेड सैखड़ी की टीम भी देर रात पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।वहीं बुधवार दोपहर तालगांव में नदी किनारे अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और समय रहते आग बुझा दी, जिससे लगभग 50 बीघा गेहूं की फसल जलने से बच गई। गांव के पूर्व प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष पांडेय ने बताया कि यदि समय पर दमकल नहीं पहुंचती तो बड़ा नुकसान हो सकता था।इसके अलावा सेमऊर गांव में कटे हुए गेहूं के खेत में आग लग गई, जिसे ग्रामीणों ने बुझा दिया। लेकिन करीब एक घंटे बाद फिर से उठी चिंगारी ने संपत राम की एक बीघे से अधिक खड़ी फसल को जलाकर राख कर दिया।लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं से क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।वरिष्ठ पत्रकार का सवाल:लगातार हो रही आग की घटनाओं के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था और त्वरित निगरानी तंत्र क्यों नहीं विकसित किया गया? क्या प्रशासन किसानों की सुरक्षा और फसल बचाव के लिए कोई ठोस योजना बनाएगा, या हर साल इसी तरह नुकसान होता रहेगा?