बिजनौर। जनपद में घरेलू उपभोक्ताओं को पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस (PNG) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लक्ष्य की पूर्ति न होने पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कार्य की अत्यंत धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यदायी एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि इस महत्वपूर्ण परियोजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।लक्ष्य से कोसों दूर: प्रगति पर उठे सवालसमीक्षा बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जनपद में निर्धारित 9000 परिवारों को पीएनजी कनेक्शन देने के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र 1500 घरों को ही पाइपलाइन गैस आपूर्ति से आच्छादित किया जा सका है। जिलाधिकारी ने इस लचर प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कड़े निर्देश दिए कि शेष परिवारों को जल्द से जल्द कनेक्शन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति में देरी उपभोक्ताओं के हितों के साथ खिलवाड़ है
खाड़ी युद्ध और रसोई गैस का संकटजिलाधिकारी ने बैठक में वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में खाड़ी युद्ध (Gulf War) के दृष्टिगत घरेलू रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। यदि एजेंसी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध करा दिए होते, तो आज उपभोक्ताओं को संभावित संकट से बड़ी राहत प्राप्त होती। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन उपभोक्ताओं के यहाँ कनेक्शन लग चुके हैं, वहां गैस की निर्बाध सप्लाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
मुख्यालय पर डिपो के लिए भूमि आवंटन के निर्देशबैठक में पीएनजी प्रबंधक द्वारा जिले के मुख्यालय पर गैस डिपो के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी (SDM) सदर को आवश्यक भूमि चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूदबैठक की अध्यक्षता कर रहीं जिलाधिकारी के साथ मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रणविजय सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अंशिका दीक्षित, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुणाल रस्तोगी सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और पीएनजी प्रोजेक्ट के प्रतिनिधि मौजूद रहे।पाइपलाइन गैस न केवल सुरक्षित है बल्कि एलपीजी की तुलना में किफायती भी है। प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब उम्मीद है कि शहर के बाकी हिस्सों में भी खुदाई और कनेक्शन के काम में तेजी आएगी।